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डिमेंशिया की पीड़ा और पिता-पुत्री के रिश्ते की डोर में बंधा डैडी

बीएनए के स्वर्ण जयंती समारोह का दूसरे दिन नाटक डैडी व पूर्णावतार का मंचन
लखनऊ। लखनवी रंगमंच के लिए सोमवार का दिन बेहद खास रहा। दोपहर में नाटक पूर्णावतार व शाम को डैडी का मंचन किया गया। राष्ट्रपति के हाथों संगीत नाटक अकादमी अवार्ड ले चुके अभिनेता डा. अनिल रस्तोगी और रंग निर्देशक सूर्य मोहन कुलश्रेष्ठ की बेहतरीन जुगलबंदी बहुत दिनों बाद शहर में नए नाटक के रूप में देखने को मिली। बीएनए के स्वर्ण जयंती समारोह के दूसरे दिन नाटक डैडी का मंचन किया गया।
दर्पण की ओर से सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ के निर्देशन में नाटक डैडी तैयार किया गया। जिसमें मुख्य भूमिका वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल रस्तोगी ने निभायी। फ्लोरियां जैलर के नाटक ले पेरे से प्रेरित नाटक डैडी का लेखन सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ एवं शिवांगी निगम ने किया। डैडी की कहानियां एक डिमेंशिया रोगी और बुजुर्ग डैडी अनन्त की कहानी है। जो झण-झण याददाश्त खोते जा रहे हैं। इस डैडी का भ्रम और संभ्रम नाटक के अन्त में पराकाष्ठा पर पंहुचता है। नाटक ने पिता और बेटी के रिश्ते को बहुत गहराई से चित्रित किया। एक तरफ बेटी की अपनी जिन्दगी है, अपने सपने, अपना प्यार है और दूसरी तरफ डिमेंशिया पीड़ित पिता की जिम्मेदारी। यह द्वन्द्व नाटक में लगातार दिखता है। डिमेंशिया पीड़ित पिता के किरदार को वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल रस्तोगी ने जीवंत कर दिया और निर्देशन में सूर्य मोहन कुलश्रेष्ठ ने कहानी के मर्म को उजागर कर दिया। मंच पर बेटी अन्नू का किरदार शालिनी विजय ने प्रभावी रूप से निभाया। इसके साथ ही मंच पर अजय शर्मा, पूजा सिंह, अंकिता दीक्षित, अभिषेक सिंह, विपिन प्रताप राव और अभिषेक पाल ने अपनी-अपनी भूमिका के साथ न्याय किया।

ये कैसा इंसाफ का मंचन आज

सात अप्रैल को अतुल सत्य कौशिक के निर्देशन में बालिगंज 1990 एवं आतमजीत सिंह के निर्देशन में ये कैसा इंसाफ का मंचन, आठ अप्रैल को बिपिन कुमार के निर्देशन में निर्माण से निर्वाण तक, चन्द्रभूषण सिंह के निर्देशन में मेरी यात्रा अटल यात्रा, नौ अप्रैल को अभिषेक पंडित के निर्देशन में बूढ़ी काकी, 10 अप्रैल को पद्मश्री मालिनी अवस्थी का एकल गायन एवं रश्मिरथी नाटक का मंचन होगा। 11 अप्रैल को आदि शक्ति राम शक्ति और 12 अप्रैल को दूतवाक्यम एवं अब न बनेगी देहरी नाटक का मंचन होगा।

भारती शर्मा के निर्देशन में नाटक पूर्णावतार का मंचन
लखनऊ। प्रमथ नाथ बिशी द्वारा लिखित और भारती शर्मा द्वारा निर्देशित नाटक ‘पूर्णावतार’ का सफल मंचन बीएनए के राज बिसारिया प्रेक्षागृह में किया गया। यह नाटक श्री कृष्ण की द्वारका से विदाई और मानवीय भावनाओं पर केंद्रित था। इस नाटक के जरिए कलाकारों ने भगवान कृष्ण की मानवीय संवेदनाओं को मंच पर उतारकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

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