बैंकॉक में आयोजित एशिया कप विश्व रैंकिंग तीरंदाजी टूर्नामेंट के पहले चरण में भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम किए। भारतीय दल ने दो स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह प्रदर्शन पिछले चरण के आठ पदकों से बेहतर रहा, हालांकि पिछली बार भारत ने पांच स्वर्ण पदक जीते थे।
प्रतियोगिता के दौरान भारत के लिए सबसे बड़ी सफलता कंपाउंड वर्ग में मिली, जहां खिलाड़ियों ने शानदार सटीकता और संयम का परिचय दिया। दिन का मुख्य आकर्षण पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में भारत का क्लीन स्वीप रहा। उदय कंबोज ने बेहद रोमांचक मुकाबले में प्रथमेश जवकर को 145-144 से हराकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता। वहीं अनुभवी रजत चौहान ने कांस्य पदक हासिल किया।
कंबोज और जवकर के बीच हुए फाइनल मुकाबले में कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शुरुआती बढ़त जवकर के पास थी, लेकिन कंबोज ने तीसरे सेट में बराबरी करते हुए शानदार वापसी की। चौथे सेट में जवकर की मामूली चूक का फायदा उठाकर कंबोज ने बढ़त बनाई और अंतिम सेट में संयम बनाए रखते हुए यादगार जीत दर्ज की।
रजत चौहान ने भी अपने अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक मुकाबले में थाईलैंड के पीरावत रत्तनपोंगकियात को 145-144 से हराया। अंतिम सेट में लगातार सटीक निशाने लगाकर उन्होंने भारत को इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप दिलाया।
महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में 18 वर्षीय तेजल साल्वे ने रूस की मारिया दिमिडियुक को 144-135 से हराकर कांस्य पदक जीता। वहीं मिश्रित टीम स्पर्धा में चिकिता तनिपार्थी और रजत चौहान की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने फाइनल में मलेशिया को 158-156 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शानदार शुरुआत करते हुए लगातार सटीक निशाने लगाए और अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी।
महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। चिकिता तनिपार्थी, राज कौर और तेजल साल्वे की टीम फाइनल में कजाखस्तान से 227-229 से हार गई। भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन तीसरे सेट में कमजोर प्रदर्शन के कारण वह बढ़त गंवा बैठी, जिसका खामियाजा उसे हार के रूप में भुगतना पड़ा।
रिकर्व वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी, क्योंकि कोई भी तीरंदाज स्वर्ण पदक नहीं जीत सका। हालांकि भारत ने इस वर्ग में दो रजत पदक जरूर हासिल किए। महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में रिधि फोर फाइनल में मंगोलिया की ओयुन एर्डेन बासंडोर्ज से 2-6 से हार गईं और रजत पदक जीता।
पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में भी भारत को कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। देवांग गुप्ता, सुखचैन सिंह और जुयेल सरकार की टीम फाइनल में कजाखस्तान से शूट-ऑफ में 27-30 से हार गई। निर्धारित समय तक मुकाबला 4-4 से बराबरी पर था, लेकिन शूट-ऑफ में कजाखस्तान ने बाजी मार ली।कुल मिलाकर भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया, जबकि रिकर्व वर्ग में सुधार की जरूरत साफ तौर पर नजर आई।





