लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को झांसी में थे और मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में उन्होंने खेल दिवस के अवसर पर हॉकी स्टिक लेकर गोल भी दागे। उनका गोल दागता हुआ वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है। वीडियो में देख सकते हैं कि सीएम योगी अधिकारियों के साथ मैदान पर मौजूद है और हॉकी खेलते हुए नजर आ रहे हैं।
Hon'ble Chief Minister of Uttar Pradesh Shri Yogi Adiyanath tries his hand at Hockey while inaugurating various development initiatives in Jhansi on National Sports Day. Also present was Dr. R.P. Singh General Secretary of Uttar Pradesh Hockey.
Here are some glimpses from the… pic.twitter.com/U46HCEox2M
— Hockey India (@TheHockeyIndia) August 29, 2023
इस दौरान उन्होंने हॉकी की स्टिक लेकर बॉल को गोल पोस्ट की ओर गोल भी किया है। बता दें कि योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मेजर ध्यानचंद की जयंती पर झांसी में कई अहम विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए खास तौर पर मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले ध्यानचंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया। लक्ष्मीबाई पार्क में देश के पहले हॉकी म्यूजियम का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। पूरे देश में 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद सिंह की याद में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। इतना ही नहीं हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा भी मिला हुआ और आज पूरा भारत हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद सिंह को याद कर रहा है।
https://twitter.com/myogiadityanath/status/1696457911944577336
इस दौरान संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तक भले ही बुंदेलखंड का नौजवान नौकरी के लिए बाहर का रुख करता रहा होगा, लेकिन डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ जब औद्योगिक दृष्टि से यह विकसित क्षेत्र बनेगा तो दुनिया कार्य करने के लिए झांसी और बुंदेलखंड में आएगी।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड नौकरी और रोजगार के नए हब के रूप में स्थापित होगा। ये जो क्षेत्र विकसित हो रहा है ,इसमें एक तरफ बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे है तो दूसरी तरफ कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग और इसके बीच में बनेगा एक नया हवाई अड्डा जो झांसी के विकास को एक नई ऊंचाई देगा।
भारतीय हॉकी पर एक नजर
- 1928 से 1956 के बीच छह बार लगातार स्वर्ण पदक जीता
- हालांकि 1960 ओलंपिक में स्वर्ण जीता है
- 1980 को मास्को ओलंपिक खेलों में अंतिम बार स्वर्ण जीता
- लेकिन अब कलात्मक व कौशलपूर्ण हॉकी का सूरज डूब गया
- राष्ट्रीय खेल हॉकी पर क्यों उठ रहा सवाल
- सरकार कब देंगी मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न
- हॉकी खिलाडिय़ों ने की ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग
- हिटलर की मौजूदगी में 15 अगस्त को ध्यानचंद ने लहराया था भारत का परचम
- ध्यानचंद ने आखिरी अंतराष्ट्रीय मैच 1948 में खेला
- करियर के दौरान वे 400 से अधिक गोल कर चुके थे





