- शपथ ग्रहण के बाद नवनियुक्त मंत्रियों ने राज्यपाल-मुख्यमंत्री का लिया आशीर्वाद
लखनऊ। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की सरकार का बहुप्रतीक्षित विस्तार बुधवार को पूरा हो गया। छह कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 11 राज्यमंत्रियों समेत कुल 23 विधयकों को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन में 18 नए चेहरे हैं। इस विस्तार के बाद अब योगी सरकार में मंत्रियों की संख्या 55 हो गयी है। इसमें चार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि एक राज्यमंत्री को प्रमोट कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल आनंदीबेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नव नियुक्त मंत्रियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभी नवनियुक्त मंत्रियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान जय श्री राम के नारे भी लगे।
योगी के 23 मंत्रियों में से छह ब्राह्मण, दो क्षत्रिय, दो जाट, एक गुर्जर, तीन दलित, दो कुर्मी, एक राजभर, एक गडरिया, तीन वैश्य, एक शाक्य और एक मल्लाह हैं। इस विस्तार में क्षेत्रीय ‘गणित’ को भी ध्यान में रखा गया है। बुधवार को हुए विस्तार में 6 पूर्वी उत्तर प्रदेश, 9 पश्चिम और एक चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय बुंदेलखंड से हैं। कैबिनेट विस्तार में पश्चिम यूपी के मुजफ्फरनगर से कपिलदेव अग्रवाल और चरथावल से विधायक विजय कश्यप, बुलंदशहर से अनिल शर्मा, आगरा कैंट से जीएस धर्मेश और फतेहपुर से विधायक चौधरी उदयभान सिंह, मैनपुरी से रामनरेश अग्निहोत्री को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इसी तरह बुंदेलखंड से स्वतंत्र देव के इस्तीफे के बाद चित्रकूट से विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। अभी तक चन्द्रिका प्रसाद विधायक होने के साथ चित्रकूट के जिला अध्यक्ष भी हैं। कानपुर मंडल से नीलिमा कटियार व कमल रानी वरुण को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। बस्ती मंडल से सतीश द्विवेदी और वाराणसी मंडल से रवीन्द्र जायसवाल को शामिल किया गया है।
इस विस्तार में दो पार्टी पदाधिकारी भी शामिल किये गायें हैं – अशोक कटारिया और नीलिमा कटारिया – और दोनों ही प्रदेश महामंत्री हैं। विस्तार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय सीट वाराणसी से लंबे समय से सक्रिय रहे भाजपा विधायकों को मंत्रिमंडल विस्तार में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अब वाराणसी से योगी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या तीन हो गई है। इसमें शहर उत्तरी से दो बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रवींद्र जायसवाल को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है तो यहीं से राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे अनिल राजभर का प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। अनिल राजभर शिवपुर क्षेत्र से विधायक हैं और अभी तक सैनिक कल्याण, खाद्य, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, प्रांतीय रक्षक दल के मंत्री थे।
ओम प्रकाश राजभर के मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद से उनका विभाग विकलांग और पिछड़ा वर्ग को भी देख रहे थे। वहीं, दूसरी ओर नीलकंठ तिवारी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ दिलाई गई है। शहर दक्षिणी से विधायक तिवारी अभी तक विधि न्याय, युवा कल्याण, खेल एवं सूचना राज्य मंत्री थे। बताते चलें कि वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल और भूतत्व एवं खनिकर्म राज्य मंत्री अर्चना पांडेय ने मंगलवार को अपना इस्तीफा सौंपा। धर्मपाल, अनुपमा और अर्चना को भाजपा मुख्यालय में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने तलब किया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने तो दो दिन पहले ही एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत के चलते परिवहन मंत्री पद से अपना त्यागपत्र भेज दिया था। मंगलवार देर रात पांचों मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए। सांसद चुने जाने के बाद सत्यदेव पचौरी, एसपी बघेल और रीता बहुगुणा जोशी के इस्तीफे और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने से चार कैबिनेट मंत्री के पद पहले से ही रिक्त थे।





