विशेष संवाददाता लखनऊ। कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव, पंचायतीराज विभाग मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्वच्छता का कार्य केवल कुछ दिनों का अभियान न होकर निरन्तर चलने वाला अभियान होना चाहिए। हम जो भी कार्य अभियान के तौर पर करते हैं उसमें अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इसीलिए सफाई व स्वच्छता का कार्य भी अभियान की तरह प्रतिदिन चलना चाहिए।
कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव, पंचायतीराज सोमवार को अलीगंज स्थित पंचायतीराज निदेशालय में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत राज्य स्तर पर स्वच्छता ही सेवा-2023 का शुभारम्भ कर रहे थे। आयुक्त ने कहा कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण प्लास्टिक, थर्माकोल आदि का अत्यधिक प्रयोग हो रहा है, जिससे अपशिष्ट एवं कूड़ा-कचरा लगातार बढ़ रहा है जो सिर्फ पर्यावरण ही नहीं हमारे स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ ही बढ़ते अपशिष्ट एवं कूड़े का निस्तारण करना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गन्दगी न करना हमारी आदत में शामिल होना चाहिए। अपनी आदतों में छोटे-छोटे परिवर्तन करके स्वच्छ परिवेश का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के द्वितीय चरण में ओडीएफ प्लस बनाने के लिए सृजित हो रही परिसम्पत्तियों के संरक्षण रखरखाव एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। स्वच्छता ही सेवा-2023 की थीम ‘कचरा मुक्त भारत’ है।
जिसका उद्देश्य दृष्यमान साफ-सफाई और सफाई-मित्रों के कल्याण व समृद्धि से सम्बंधित है। स्वच्छता एक दिन का कार्यक्रम नहीं है यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है। विगत वर्षों की तरह स्वच्छता गतिविधियों की भावना स्वैच्छिकता/श्रमदान से है। इस अभियान में ग्रामीणों को प्रेरित कर श्रमदान के माध्यम से ग्रामों की सफाई कराये जाने पर बल दिया गया जिससे ग्रामीणों में स्वच्छता की भावना विकसित हो सके तथा स्वच्छता स्थाई रूप से कायम रहे।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में ग्राम्य विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, जल जीवन मिशन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, संस्कृति, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, सिंचाई एवं जल संसाधन आदि विभागों के कार्यालय की स्वच्छता एवं इन विभागों द्वारा संचालित संस्थाओं में भी साफ-सफाई तथा स्वच्छता के परिसम्पत्तियों की मरम्मत, पेंटिंग, साफ-सफाई का कार्य किया जायेगा, जिसकी प्रगति आख्या फोटोग्राफ सहित सम्बंधित के जिलाधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा। यह रिपोर्ट एसएचएस-2023 पोर्टल पर अपलोड की जायेगी। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने सभागार में उपस्थित लोगों को स्वच्छ भारत बनाये जाने के लिए शपथ भी दिलाई।
विशेष सचिव पंचायती राज बी. चन्द्रकला ने कहा कि एक अभियान के रूप में स्वच्छता ही सेवा के भाव से काम करना है जिससे गांव एवं शहर में स्वच्छता की अलख जगा कर स्वच्छता को रोज की दिनचर्या में शामिल करना है, जिससे भारत कचरा मुक्त हो सके। इस संकल्प को सिद्धि तक लेकर जाये तथा नये भारत के निर्माण में भागीदार बने।
इस अवसर पर स्वच्छ सर्वेक्षण (ग्रामीण) 2023 के अन्तर्गत राज्य में उत्कृष्ट काम करने वाले 60 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत, पंचायत सहायक एवं सफाईकर्मी को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से अलीगढ़ के जिरौली हीरा सिंह, बुलन्दशहर के शहजादपुर कनैली, श्रावस्ती के सरवनतारा एवं वाराणसी के बसनी को कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा अपने कर कमलों से सम्मानित किया। शेष ग्राम पंचायतों को विशेष सचिव पंचायत राज एवं मिशन निदेशक द्वारा सम्मानित किया गया। स्वच्छता के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले प्रदेश के सभी जनपदों से सफाईकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।





