लखनऊ। विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों जारी है और सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही पूरी तरह शोक और सम्मान के वातावरण में संपन्न हुई। मंगलवार को सदन की शुरुआत उन सभी पूर्व विधायकों और सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जो कभी विधानसभा का हिस्सा रहे और जिनका हाल के समय में निधन हो चुका है। सदन ने अपने दिवंगत साथियों को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सदन में दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौन के माध्यम से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ओर के विधायकों ने एकजुट होकर शोक व्यक्त किया, जिससे सदन में गम्भीर और भावुक माहौल देखने को मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित कई वरिष्ठ सदस्यों ने दिवंगत विधायकों के सामाजिक, राजनीतिक और जनसेवा के कार्यों को याद करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सदन में यह भी कहा गया कि जिन नेताओं ने कभी विधानसभा की गरिमा को बनाए रखा और जनता की आवाज बने, उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। श्रद्धांजलि के इस अवसर पर यह स्पष्ट संदेश गया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सदन अपने पूर्व सदस्यों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करता है।
दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विधानसभा की शेष कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया। अब बुधवार को सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी, जब योगी आदित्यनाथ सरकार वित्तीय वर्ष का बहुप्रतीक्षित बजट पेश करेगी। बजट सत्र को लेकर प्रदेश भर की निगाहें विधानसभा पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी बजट के माध्यम से सरकार अपनी आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का खाका प्रस्तुत करेगी।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह बजट प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाला अहम दस्तावेज साबित हो सकता है। वहीं विपक्ष भी बजट को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछने और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। फिलहाल श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद सदन स्थगित होने से विधानसभा परिसर में शांति का माहौल रहा, लेकिन बुधवार को बजट पेश होते ही सदन में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने की पूरी संभावना है।





