वाशिंगटन। चीन में कहर बरपा रहे नोवेल कोरोना वायरस के इलाज के लिए अमेरिका एक दवा कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसमें वह दवा की ऐसी किस्म का इस्तेमाल कर रहा है जिसने इबोला के मरीजों में जीवित रहने की दर को बढ़ाया था।
स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (एचएचएस) तथा दवा कंपनी रिजेनेरोन के बीच साझेदारी से इस संक्रमण से लड़ने के लिए मोनोक्लोनल प्रतिरक्षा दवाई विकसित की जाएगी। यह एंटीरेट्रोवायरल तथा फ्लू की दवाइयों के इलाज की तरह होगा। एंटीरेट्रोवायरल का इस्तेमाल एचआईवी संक्रमण के इलाज में किया जाता है।
कोरोना वायरस से चीन में करीब 500 लोगों की मौत हो चुकी है। एचएचएस के एक अधिकारी रिक ब्राइट ने कहा, सामने आ रही संक्रामक बीमारियों से हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तौर पर रिजेनेरोन के साथ काम करने से हम नए वैश्विक स्वास्थ्य खतरों का तेजी से इलाज ढूंढ सकते हैं। हम रिजेनेरोन के साथ 2014 से काम कर रहे हैं।
लोगों को आवश्यक पृथक निगरानी में रहना होगा
चीन से हांगकांग आने वाले सभी लोगों को शनिवार से दो सप्ताह तक जरूरी अलग निगरानी में रहना होगा। घातक कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के मकसद से हांगकांग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरी लाम ने बुधवार को इन कदमों की घोषणा की।
लाम ने इस संबंध में जानकारी नहीं दी कि इन कदमों को किस तरह लागू किया जाएगा लेकिन उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में इस बारे में ज्यादा जानकारी दी जाएगी। लाम ने कहा, ये कवायद कठोर हैं। लेकिन मेरा मानना है कि जब हम आठ फरवरी से आने वाले सभी लोगों को 14 दिनों के लिए अलग रखेंगे तो इससे आने वालों की संख्या घटेगी।





