बनेगा ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर’
वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट (केएसएसएससीआई) में इलाज के साथ शोध भी हो सकेगा। इसके लिए यहां ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर’ बनाया जायेगा। इस सेंटर को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जायेगा। शुक्रवार को कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी में सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड रिसर्च सेंटर फॉर कैंसर सेंटर की स्थापना को लेकर एनेक्सी भवन में कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट, आईआईटी कानपुर तथा कार्किनोस हेल्थ केयर लिमिटेड के मध्य एमओयू साइन किया गया।
उप मुख्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि अगले वर्ष फरवरी से यह सेंटर क्रियाशील हो जाएगा। कैंसर के क्षेत्र में विश्व स्तरीय शोध को बढ़ावा देने के साथ ही कैंसर ट्रीटमेंट की समस्त सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सेंटर के निर्माण व विकास को हरी झंडी मिल गई है। कैंसर संस्थान परिसर में ही 25 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर’ का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए केएसएसएससीआई को निर्मित क्षेत्रफल वाला क्षेत्र उपलब्ध कराए जाने के लिए केएसएससीआई को निर्देश दिए गए हैं।
मालूम हो कि पिछले कुछ वर्षों से कैंसर के मरीज काफी बढ़ गये हैं। इसके लिए प्रदूषण, अस्त-व्यस्त जीवनशैली, नशा समेत कई कारण जिम्मेदार हैं। मालूम हो कि कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में प्रतिवर्ष फिलहाल 2.45 लाख कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। यह रोग उत्तर प्रदेश में 1.6 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, शराब व तंबाकु की बढ़ती खपत और जनसंख्या वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश में कैंसर के बोझ की 3.2 प्रतिशत के दर से प्रतिवर्ष बढ़ने की आशंका है। माना जा रहा है कि कैंसर की रोकथाम और मरीजों को आधुनिक इलाज मुहैया कराने में ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर’काफी मददगार साबित होगा।





