वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज ने अपने इंटरनल क्वार्टर के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर का टेंडर जारी कर निविदा विशिष्टीकरण जिसमें 5 जी तकनीकी तक के स्मार्ट प्रीपेड मीटर की खरीद की बना रहा योजना और यहां करोडों की खरीद पुरानी तकनीकी से करने के लिए तैयारी हो चुका है।
पावर कारपोरेशन ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड को 50 लाख स्मार्ट मीटर पुरानी तकनीकी के खरीद का दिया था आदेश जिसमें प्रदेश में 12 लाख स्मार्ट मीटर पुरानी तकनीकी के नहीं बदलवा पाया है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 में एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड को पुरानी तकनीकी 2 जी व 3जी के 50 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का टेंडर दिया गया जिसकी पुरानी तकनीकी पर उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग में याचिका डाली थी और इसका विरोध किया था अंतत: लंबे विवाद के बाद 12 लाख स्मार्ट मीटर लगने के बाद एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड ने अब मीटर लगाना बंद कर दिया और आज तक पुरानी तकनीकी के स्मार्ट मीटर को 4 जी तकनीकी में भारत सरकार के आदेश के बाद भी कन्वर्ट नहीं किया अब पुन: उत्तर प्रदेश में लगभग 25000 करोड के स्मार्ट प्रीपेड मीटर के टेंडर जारी किए जा रहे हैं।





