नयी दिल्ली/लेह। लेह में सेना का 34 वर्षीय एक जवान कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिसके बाद सेना ने निगरानी तंत्र और बढ़ाने के साथ ही अपने युद्धाभ्यास व प्रशिक्षण गतिविधियों को भी टाल दिया है। देश में कोरोना वायरस के कुल मामले बुधवार को बढ़कर 160 पहुंच गए।
विदेशों में 276 भारतीय संक्रमित
इस बीच, लोकसभा में एक लिखित जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि विदेशों में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल भारतीयों की संख्या 276 है जिनमें ईरान में 255, यूएई में 12, इटली में पांच, हांगकांग, कुवैत, रवांडा और श्रीलंका में एक-एक मामले शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि संक्रमित सैनिक लेह के चुहोट गांव का रहने वाला है और वायरस से संक्रमित अपने पिता के सम्पर्क में आने के कारण वह भी इससे प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि उसे सात मार्च को पृथक किया गया था और 16 मार्च को पॉजिटिव पाया गया।
सूत्रों ने बताया कि सैनिक का भाई भी पॉजिटिव पाया गया है। देश में मंगलवार से कोरोना वायरस के 14 नए मामले सामने आए हैं। सेना में हालांकि कोरोना वायरस का यह पहला मामला है जिसके बाद सेना ने इसे लेकर निगरानी और सतर्कता और बढ़ा दी है। देश में इस वायरस से संक्रमित कुल लोगों की संख्या बढ़कर 160 हो गई है जिनमें 25 विदेशी नागरिक हैं तथा तीन वो लोग है जिनकी मौत इस संक्रमण के कारण हो चुकी है। इस बीमारी के कारण दुनिया भर में 7,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब दो लाख लोग इससे संक्रमित हैं।
केजीएमयू डॉक्टर भी कोरोना की चपेट में
कोरोना संक्रमित मरीज का इलाज कर रहे केजीएमयू के एक रेजीडेंट डॉक्टर भी इसकी चपेट में आ गया है। वह यहां बने कोरोना आइसोलेशन वार्ड में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसके साथ ही राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस का तीसरा मामला सामने आया है।
आइसोलेशन वार्ड की टीम में शामिल इस डाक्टर में कोरोना के लक्षण मिलते ही केजीएमयू में दहशत फैल गयी।
आनन-फानन में टीम के सभी 15 डाक्टरों की जांच की गयी। राहत भरी बात यह रही कि एक रेजीडेंट को छोड़ शेष 14 के नतीजे निगेटिव रहे। कोरोना पॉजिटिव रेजीडेंट का इलाज शुरू कर दिया गया। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या अब 16 हो गई है। लखनऊ में कोरोना का पहला मामला 11 मार्च और दूसरा मामला 14 मार्च को सामने आया था। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कोरोना के दो संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है। दोनों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। चिविवि प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मरीजों को आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है और हालत जस की तस बनी हुई है।
बुधवार को मरीजों का इलाज करने वाली 15 सदस्यीय टीम में शामिल एक जूनियर रेजीडेंट में कोरोना के लक्षण दिखायी दिए। लक्षण देखते ही तत्काल रेजीडेंट का नमूना लिया गया था। जांच रिपोर्ट आते ही पूरी टीम के होश उड़ गए। रेजीडेंट का टेस्ट पॉजिटिव था। इसके बाद इंफेक्शन कंट्रोल की पूरी टीम का सैंपल लिया गया, सभी 14 सदस्यों के सैंपल लेकर जांच हुई और वह निगेटिव पाए गए। डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि रेजीडेंट डॉक्टर की तबीयत ठीक है। वहीं कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए केजीएमयू प्रशासन ने नई टीम बनाई। एक वरिष्ठ डॉक्टर व पांच रेजीडेंट टीम में शामिल। उधर कोरोना संक्रमण के 12 संदिग्धों को लखनऊ के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है। सभी की जांच का नमूना केजीएमयू भेज दिया गया है।
खत्म नहीं हुआ वायरस का प्रकोप
डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि केजीएमयू में कुल 10 लोग भर्ती हैं। इनमें आठ संदिग्ध व दो पॉजीटिव मरीज हैं। पहले से भर्ती महिला डॉक्टरों की फिर से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में महिला डॉक्टर में संक्रमण बरकरार है अत: उन्हें अभी भर्ती रखा जाएगा। फिलहाल दोनों मरीजों की तबीयत स्थिर बनी हुई है।





