लखनऊ। प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने मंगलवार को बताया कि पिछले पेराई सत्र 2019-20 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 45 चीनी मिलों एवं वर्तमान पेराई सत्र 2020-21 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 104 चीनी मिलों को नोटिस निर्गत की गयी है।
नोडल अधिकारियों, परिक्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्तों एवं जिला गन्ना अधिकारियों सहित सभी स्तरों से चीनी मिलों पर दबाब बनाया जा रहा है, फलस्वरूप सभी चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाते हुए पिछले 15 दिनों में 3,814 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान गन्ना किसानों को किया गया है।
भूसरेड्डी ने कहा कि गन्ना किसानों का हित प्रदेश सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है एवं कृषकों के हित में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों एवं चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में कृषकों को गन्ना मूल्य का भुगतान शीघ्र कराने के लिए विभाग द्वारा हर स्तर पर समीक्षा कर हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि बकायेदार चीनी मिलों से पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान अविलम्ब सुनिश्चित कराने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा चीनी मिल अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही है। चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान तत्काल करने के लिए निर्देश जारी किये गये हैं, और लापरवाह चीनी मिलों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है।
भूसरेड्डी ने बताया कि निर्देशों का उल्लंघन कर गन्ना मूल्य भुगतान के प्रति उदासीन रहने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जायेगी, जिसमें आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा व अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही करने के साथ ही वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी अमल में लायी जायेगी।





