लखनऊ। कहते हैं कुछ दिन ऐसे होते हैं, जब किस्मत खुद दरवाजा खटखटाती है, अक्षय तृतीया उन्हीं खास अवसरों में से एक मानी जाती है। इस दिन किया गया हर शुभ काम कभी खत्म न होने वाले फल का वादा करता है, इसलिए इसे अक्षय कहा गया है। आमतौर पर लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदने या माता लक्ष्मी की पूजा पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक और बेहद खास उपाय है, जो चुपचाप जीवन में सुख-समृद्धि ला सकता है। मान्यता है कि इस दिन तुलसी की विधिपूर्वक पूजा करने से न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि घर में शांति और सौभाग्य भी बना रहता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल को सुबह 07:49 बजे समाप्त होगी। इसलिए अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। मान्यताओं के अनुसार इस दिन सही विधि से तुलसी पूजन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का वास होता है।
तुलसी पूजन की विधि
अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन बिना विशेष मुहूर्त देखे भी पूजा और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। सुबह या शाम स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और श्रद्धा के साथ तुलसी पूजन करें। भगवान विष्णु और तुलसी देवी का संकल्प लें तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। रोली, चंदन, फूल और फल अर्पित करें। मिठाई का भोग लगाएं, तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें, इस पूजा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
तुलसी पूजन का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का निवास होता है और यह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इसी कारण तुलसी को ह्यविष्णु प्रिया भी कहा जाता है। अक्षय तृतीया के दिन तुलसी पूजन करने से एक साथ लक्ष्मी और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।





