लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ और एक वीवीआईपी इलाका जहां पर लोक भवन विधान सभा एनएक्सी व गवर्नर हाउस मौजूद है जहां पर कई वीवीआईपी मोमेंट से लेकर कई बड़ी से बड़ी आत्मदाह और अन्य घटनाएं होती रहती हैं और घटनाओं की आशंका भी रहती हैं लेकिन हजरतगंज कोतवाली में कोई भी प्रभारी अभी तक पोस्ट नहीं किया गया है और थाना अतिरिक्त इंस्पेक्टर के सहारे चल रहा है जबकि तत्कालीन इंस्पेकटर हजरतगंज अखिलेश मिश्रा के हटे हुए दो माह हो रहे हैं।
वर्तमान समय लखनऊ कमिश्नरेट में हजरतगंज आशियाना आलमबाग व जानकीपुरम ऐसे थाने हैं जहां पर अतिरिक्त चार्ज चला रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब यह नई प्रथा की शुरूआत हुई है जिसके मददेनजर उक्त थाने का कोतवाल हटाया जाता है तो वहां दूसरा कोतवाल पोस्ट नहीं होता है जिसके चलते पीड़ित व लॉ एंड आर्डर में खांसी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। पुलिस सूत्रों की माने तो थाने में तैनात अतिरिक्त इंस्पेक्टर यह सोचकर काम करता है कि मेरी तैनाती अस्थाई है। हालांकि बीच बीच में कई इंस्पेक्टरों व दारोगा के इन्टरव्यू वगैरह होते रहते हैं ताकि योग्य व ईमानदार इंस्पेक्टर या दारोगा पोस्ट किया जा सके।
सूत्रों की माने तो राजधानी में इंस्पेक्टरों की खांसी कमी है जिसकी वहज से ऐसा है या तो योग्य इंस्पेक्टर अधिकारियों को नहीं मिल पा रहे है जिससे उनकी तैनाती की जा सके। हालांकि काफी समय से राजधानी के करीब नौ थाने बिना प्रभारियों के चल रहे थे और काफी समय तक चले लेकिन जल्द ही चार थानों मे तीन उपनिरीक्षक व एक इंस्पेक्टर पोस्ट कर दिया गया जबकि हजरतगंज समेत अभी चार थाने बिना कोतवाल की पोस्टिंग के चल रहे हैं।





