राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह में नाटक का मंचन
लखनऊ। श्री रंग कला सेवा संस्थान द्वारा नाटक गिद्ध और फुटपाथ का सम्राट का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से 25 फरवरी 2026 को राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह, कैसरबाग, लखनऊ में रुचिका के कुशल निर्देशन में किया गया।
विजय तेंदुलकर द्वारा लिखित नाटक गिद्ध ऐसे अभिशप्त इंसानों की कहानी है जो अपनी गिद्ध मनोवृत्ति में आपाद-मस्तक लिप्त हैं। या यों समझिए में इंसानी लिबास पहने वे सब के सब शापभ्रष्ट गिद्ध हैं।
कहानी एक ऐसे ही घर की है जहा रमाकांत और उमाकांत गिद्ध-दृष्टि से अपने पापा की दौलत को देखते है और उम्मीद करते है की कब वह मरे और सारी दौलत उनकी हो जाए। वो दौलत पाने के नशे में इतने लीन हो जाते है की आपस के रिश्ते और रिश्तेदारों को नोचना शुरू कर देते है। नाटक ‘फुटपाथ का सम्राट’ विजय तेंडुलकर की एक बेहतरीन नाटकों की कृतियों में से एक है। इस नाटक के माध्यम से विजय जी ने फुटपाथ पर अपनी पूरी जिंदगी गुजार रहे लोगों की आप बीती, उनकी ख्वाहिशे और उनका दर्द बहुत ही अच्छे तरीके से पेश किया है। इस नाटक का पात्र शाहिर, तुक्या जो कि एक बहुत अच्छे दोस्त है, और दोनों ही एक साथ फुटपाथ पर अपनी जिंदगी काट रहे है।विजय जी ने फुटपाथ की सारी स्थिति और कठिनाइयों को दशार्ते हुए समाज में यह संदेश देने की कोशिश की है कि जिसको जीवन में जो मिलता है वह उतना काफी है। नाटक गिद्ध में उमाकांत का केन्द्रीय किरदार आदर्श तिवारी, रमाकांत का राहुल मिश्रा, माणिक का एकता सिंह, और रमा का मुस्कान सोनी ने निभाया। नाटक फुटपाथ का सम्राट में शाहिर का किरदार आदर्श, सुंदरी बनी एकता और तुक्या का रूप प्रमोद सहाय द्वारा अभिनय किया गया । नाट्य प्रस्तुति को सशक्त बनाने में वीरेंद्र कुमार- सत्रोहन प्रसाद की मंच सज्जा ने अहम् भूमिका अदा की, जबकि मंच व्यवस्था सत्यवान और नेहा ने संभाली। शैल कुमारी की वेशभूषा, तमाल बोस द्वारा प्रकाश संचालन और शहीर – सचिन की मुख सज्जा ने नाटक के आकर्षण को बढ़ाया। प्रस्तुति व्यवस्था सत्यवान और संजय शर्मा ने संभाली।





