दस दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव का नवां दिवस
लखनऊ। उत्तराखंड महोत्सव का नवां दिवस, दिन प्रतिदिन बढ़ती भीड़ में एक ओर खूब खरीदारी संग खान-पान के चटकारे ले रहे तथा दूसरी ओर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद ले रही अपार भीड़ का जबरदस्त मनोरंजन कर हो रहा है। समापन की ओर बढ़ रहे पं. गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, बीरबल साहनी मार्ग गोमती तट पर लगे महोत्सव में खचाखच भीड़ द्वारा अमेरिकन भुट्टा, तंदूरी चाय, लजीज खाना संग पहाड़ की दालें-गहत, भट्ट, भट्टू, मडूवे का आटा, सब्जियां, मूली, गडेरी, बाल मिठाई, सिंगोड़ी, चाकलेट, बीकानेरी नमकीन, उत्तराखण्डी ज्वेलरी, आजकल की आर्टिफिशियल ज्वेलरी, पौटरी का सामान हस्तशिल्प के उत्पाद, ऊनी वस्त्र आदि सब कुछ जो एक महोत्सव में होने चाहिए, उपलब्ध है, खूब खरीदारी की जा रही है। एक स्टॉल कुले कुले (जिसका मतलब धीरे-धीरे) यहां पर पॉलिएस्टर फ्री प्योर ऊनी वस्त्र हैं, अंगूरा रैबिट ऊल, याक ऊल, आॅस्ट्रेलियन मैरिनो ऊल, लैंब ऊल, पश्मीना ऊल, (जानवरों को नुकसान पहुंचाए बगैर निकाले गए बालों से) बने आइटम्स, जकाट कॉटन बैग, हैंडमेड, आॅर्गेनिक, प्योर इको फ्रेंडली आइटम्स हैं। कुछ वर्षों से आ रहे इस स्टाल में उनके पुराने ग्राहक अपने नए मित्रों के साथ महोत्सव में आते हैं तथा इसी तरह के विशेष आइटम्स के लिए भी लखनऊ की जनता को इस महोत्सव का इंतजार रहता है।
उत्तराखंड का पारंपरिक झोड़ा मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह कनवाल ने बताया कि झोड़ा शब्द जोड़ शब्द से लिया गया है, इस सामूहिक नृत्य को शादी, उत्सव, त्योहार, मेले आदि में किया जाता है, घेरा बनाकर किए जाने वाले समूह नृत्य में स्त्री पुरुष एक दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर तीन पग आगे एक पीछे करते हुए नृत्य करते हैं, बीच में मुख्य गायक हुड़का बजाते हुए पहली पंक्ति गाता है, अन्य कलाकार दोहराते हैं, यह स्त्री पुरुष का श्रृंगारिक नृत्य है।
मंच से कार्यक्रमों का सुन्दर संचालन सुन्दर सिंह बिष्ट, राजेश भट्ट, महेन्द्र गैलाकोटी तथा सुरेन्द्र राजेश्वरी द्वारा प्रतिदिन किया जा रहा है। प्रवासी उत्तराखण्डी की समस्याओं के लिए महोत्सव स्थित कार्यालय में गोविन्द बल्लभ फुलारा समस्या समाधान हेतु अर्जियाँ लेकर आगे कार्यवाही करा रहे हैं। आज के मुख्य अतिथि डा. दिनेश शर्मा सांसद राज्य सभा, राजेश कुमार (आईएएस) महानिदेशक उप्र पर्यटन, डा. बलकार सिंह (आईएएस) उप्र आवास विकास आयुक्त, अश्वनी कुमार शुक्ला क्षेत्रीय निदेशक एस बी आई लाईफ, ललिल भार्गव, अनुराग मिश्रा, अंकिता सिंह, गोपाल कृष्ण सिन्हा तथा महापरिषद के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर सायं के कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया, महापरिषद द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ, अंग वस्त्र तथा ऐपण कला के प्रतीक चिन्ह भेंट किये। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में महापरिषद के पदाधिकारियों द्वारा किये जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की एवं अपनी संस्कृति प्रति अपार लगाव हेतु उनका आभार व्यक्त किया। महापरिषद के महासचिव ने सहप्रायोजक एस बी आई लाईफ का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। महोत्सव में रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मंजू बिष्ट (पूर्व हॉकी कप्तान) की उपस्थिति हेतु महापरिषद ने आभार जताया तथा उनको अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह, पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
अपराह्न 02 बजे से- कॉफव चित्रकला प्रतियोगिता में आठ प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें प्रथम अनुभूति, द्वितीय सानवी, तृतीय प्रबुद्ध रहे। रंगोली प्रतियोगिता में न्यू पब्लिक एकेडमी इंटर कालेज कल्याणपुर के बच्चों के बीच हुई, जिसमें प्रथम ग्रुप-शाहिना, ज्योति, अर्पिता, प्रियंका, द्वितीय ग्रुप-वर्तिका, मानसी, करन, नंदनी, तरंग, सृष्टि, तृतीय दो ग्रुप -1. हर्षिता श्रेया अनुष्का चांदनी और 2. सौरभ, शिवम, लक्ष्मी, आशा रहे। यह प्रतियोगिताएं महापरिषद के महिला शाखा की देख रेख में आयोजित हुई।
सायंकाल 04:00 बजे- ग्रेस एट पेस स्टूडियो एंड एकेदमी की प्रस्तुति शैलजा श्रीवास्तव के नेतृत्व में-सरस्वती वन्दना, -राजस्थानी नृत्य -घूमर नृत्य, स्वरांजलि कला केन्द्र का संध्या प्रजापति के नेतृत्व में – कथक, गढ़वाली एवं जौनसारी नृत्य, ऋषभ का गायन, राघव का पंजाबी नृत्य – इन प्रस्तुतियों को दर्शको ने खूब सराहा।
सायं 05 बजे से-झोड़ा प्रतियोगिता के द्वितीय राउण्ड में 5 दल – रामलीला समिति तेलीबाग- राजेन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में, जौहार मुन्स्यार सांस्कृतिक दल-विकास नगर-नन्दा रावत के नेतृत्व में, तेलीबाग रामलीला समिति- दीपा ऐरी के नेतृत्व में, उमंग ग्रुप वसुन्धरापुरम- सुशीला नेगी के नेतृत्व में, विकास नगर- त्रिलोचनी रावत के नेतृत्व में – इन पांचो दलों ने उत्तराखण्ड के सामूहिक झोड़ा नृत्य की अद्भूत प्रस्तुतियों से दर्शकों की तलियाँ बटोरी।
आज की स्टार नाईट में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध डांसर अंकित कुमार-जिनकी कोरियोग्राफी आज लगभग हर उत्तराखण्डी गीत में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ती है- की प्रस्तुतियों ने लोगों का मनोरंजन किया।
नाचेगा भारत तृतीय राउण्ड में 2 दल – लीरिक एकेडमी आॅफ म्यूजिक – मनीद्य त्रिपाठी एवं अनीता सिंह के नेतृत्व में तथा नूपुर संस्था महानगर-विभा नौटियाल के नेतृत्व में सुन्दर नृत्यों से धमाल मचाया।
डांस उत्तराखण्ड डांस सीजन-4 तृतीय राउण्ड में 4 दल -देवभूमि वृन्दावन जनसरोकार समिति पीजीआई वृन्दावन क्षेत्र-प्रेम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में, नया सवेरा फाउण्डेशन नीलमत्था-पिंकी नौटियाल के नेतृत्व में, यूथ सांस्कृतिक समिति, गोमती नगर – सार्थक रावत के नेतृत्व में, सृजन ग्रुप चिनहट-सुनीता रावत एवं राजेश्वरी रावत के नेतृत्व में-चारों दलों के कलाकारों ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुतियों से मंच सजाया तथा फाइनल में जगह बनाने की पुरजोर कोशिश की।
वाइस आॅफ उत्तराखण्ड में प्रवासी गायकों की स्वरचित व अन्य रचनाओं में जगत सिंह धपोला, दर्शन सिंह परिहार, बबली भण्डारी एवं हरितिमा पन्त – चारों गायकों ने अपनी गायकी से दर्शकों का मन मोहा।
वन्दना सनवाल के नेतृत्व में संस्कृति विभाग, देहरादून उत्तराखण्ड के सहयोग से आये संस्कृति एवं सामाजिक संस्था, देहरादून के मेहमान कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों के दिलों में अपनी छाप छोड़ी।





