उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल फिल्म कॉन्क्लेव 2026 का समापन
लखनऊ। एक सफल उद्घाटन दिवस के बाद, यूपी इंटरनेशनल फिल्म कॉन्क्लेव 2026 के दूसरे दिन (31 मार्च, 2026) पैनल चचार्ओं, सिनेमाई स्क्रीनिंग और उद्योग कार्यशालाओं की एक विस्तृत श्रृंखला आयोजित की गई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख वैश्विक फिल्म गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। दिन की शुरूआत मुख्य सभागार में एक उद्घाटन समारोह के साथ हुई, जिसमें महेंद्र सिंह, राजेश जैस और आदित्य श्रीवास्तव जैसे गणमान्य अतिथि शामिल हुए। सुबह का मुख्य आकर्षण दूसरा शोध पत्र प्रस्तुतीकरण था, जिसमें डिजिटल मीडिया के समाजशास्त्रीय प्रभाव पर चर्चा की गई। स्ट्रीमिंग वैल्यूज: हाउ ओटीटी इज रिशेपिंग इंडियाज मोरल लैंडस्केप एंड बिंज-वॉचिंग कल्चर शीर्षक वाले इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव, डॉ. निमिष कपूर और डॉ. रुचिरा चौधरी द्वारा की गई। दोपहर के सत्रों में स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और नीतिगत ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया गया। उत्तर प्रदेश अगला फिल्म हब बन रहा। इस सेलिब्रिटी संवाद और प्रेरक सत्र में राजेश जैस और आदित्य श्रीवास्तव ने अपने विचार साझा किए। नीतियां, अभ्यास और संभावनाएं विषय पर आधारित इस पैनल में आलोक पोरवाल, अमित आर्यन और डॉ. शिवदर्शन कदम और प्रो. माधव शर्मा, अभिनेता ने चर्चा की।
तकनीकी उत्कृष्टता और मीडिया विमर्श
दोपहर का सत्र फिल्म निमार्ताओं और फोटोग्राफरों के लिए समर्पित रहा, जिसमें न्र‘ङ्मल्ल इंडिया टीम द्वारा एक विशेष फोटोग्राफी कार्यशाला आयोजित की गई। इसके बाद एक उच्च-स्तरीय ‘प्रेस एडिटर्स मीट’ का आयोजन हुआ, जिसमें पांच प्रमुख संपादकों ने फिल्म उद्योग और मीडिया के बदलते संबंधों पर संवाद किया।
भव्य समापन समारोह
कॉन्क्लेव का समापन मुख्य सभागार में आयोजित औपचारिक समापन समारोह के साथ हुआ। इस समारोह में दो दिवसीय आयोजन के अनुभवों, पुरस्कारों और आभार प्रदर्शन के साथ, यूपी टूरिज्म के सहयोग से फिल्म सोसाइटी आॅफ इंडिया द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का सफल समापन हुआ।
पूरे दिन के दौरान, उपस्थित लोगों ने फिल्म स्क्रीनिंग (स्क्रीनिंग 5 से 9), फिल्म परिचय और लाइव प्रश्नोत्तर सत्रों का आनंद लिया, जिसने विविध सिनेमाई आवाजों को एक मंच प्रदान किया।





