बरेली/संभल। उत्तर प्रदेश की दो चर्चित और प्रभावशाली आईपीएस हस्तियों, अंशिका वर्मा और कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई की शादी की खबरों ने इन दिनों गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं। 2018 बैच के ये दोनों अधिकारी आगामी 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में परिणय सूत्र में बंधने जा रहे हैं। वर्तमान में संभल के एसपी के रूप में तैनात केके बिश्नोई और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा की शादी की रस्में, जिनमें हल्दी, संगीत और मेहंदी शामिल हैं, पूरी तरह तय हो चुकी हैं। यह विवाह न केवल दो प्रशासनिक अधिकारियों का मिलन है, बल्कि दो अलग-अलग राज्यों, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक जुड़ाव का भी प्रतीक है, क्योंकि केके बिश्नोई मूल रूप से बाड़मेर (राजस्थान) और अंशिका वर्मा प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली हैं।
आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई अपनी साहसिक कार्यशैली और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने संभल में तैनाती के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मिसाल पेश की है, विशेषकर 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा को महज दो घंटे में नियंत्रित कर उन्होंने अपनी प्रशासनिक सूझबूझ का लोहा मनवाया था। इसके अलावा, बिजली चोरी के खिलाफ उनके द्वारा चलाए गए बड़े अभियान और अवैध पावर हाउस पकड़े जाने की कार्रवाई का जिक्र खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किया था। अपनी इन्हीं उपलब्धियों के कारण उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
वहीं दूसरी ओर, आईपीएस अंशिका वर्मा ने बरेली में एसपी साउथ के पद पर रहते हुए महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने साल 2025 में उत्तर प्रदेश की पहली ‘वीरांगना यूनिट’ का गठन किया, जिसमें महिला कमांडो को विशेष मार्शल आर्ट्स और दंगा नियंत्रण की ट्रेनिंग दी गई है। अंशिका वर्मा ने ड्रग्स (NDPS), हत्या और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मामलों को बेहद कम समय में सुलझाकर अपनी एक सख्त छवि बनाई है। अपराधियों के खिलाफ उनके कड़े रुख और मदरसा आधारित लव जिहाद रैकेट के पर्दाफाश जैसे कार्यों की सराहना शासन स्तर पर भी की गई है।
अब यह शानदार करियर वाली जोड़ी अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रही है। जोधपुर में होने वाला यह विवाह समारोह निजी होने के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों अधिकारियों ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा से जनता के बीच जो विश्वास कमाया है, वही कारण है कि उनकी इस नई पारी के लिए उन्हें हर तरफ से बधाइयां मिल रही हैं। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर डटे रहने वाले ये दो अफसर अब एक साथ जीवन बिताने के संकल्प के साथ राजस्थान की ऐतिहासिक धरती पर सात फेरे लेंगे।





