लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को जातीय जनगणना की मांग को लेकर सपा सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 30 मिनट के लिए बाद में 15 मिनट के लिए स्थगित की गयी। इस दौरान सपा सदस्य आज के उपवेशन की कार्यसूची को स्थगित करते हुए चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे थे।
पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा और विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने सरकार से जातियों की जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि सरकार पिछड़ों को उनका हक दिलाने के प्रति गम्भीर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के समय जातिवार गणना की बात कही थी।
पूर्व में 1865 से 1872 के बीच देश के सभी राज्यों में सुव्यवस्थित जातिवार गणना करायी गई तत्पश्चात 1881, 1891, 1901, 1911, 1921 व 1931, 1941 में जातिवार जनगणना हुई थी। वर्ष 1751 की जनगणना के लिए तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जातिवार जनगणना की सहमति दी थी। किन्तु 1950 में सरदार पटेल के निधन के बाद कांग्रेस सरकार ने जनगणना फार्म में जाति का कालम हटा दिया।
विधानसभा अध्यक्ष ह्म्दय नारायण दीक्षित के आग्रह के बावजूद सपा सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गये। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि जनगणना का मामला विधानसभा के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पिछड़ों को सम्मान दिलाने के लिये प्रतिबद्ध है। शोरशराबा और हंगामा थमता न देख विधानसभा अध्यक्ष दीक्षित ने सदन की कार्यवाही 35 मिनट के लिये स्थगित कर दी। बाद में स्थगन अवधि को 10 मिनट के लिये और बढ़ा दिया गया। सपा सदस्यों ने यह मुद्दा पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान के बाद उठाया।
अखिलेश ने मंगलवार को कहा कि समाज में सबको उनकी संख्या के मुताबिक हक और सम्मान मिले, इसके लिए समाजवादी पार्टी अरसे से जातीय जनगणना की मांग करती रही है। मगर भाजपा भी कांग्रेस की ही तरह इसे मानने को तैयार नहीं है क्योंकि तब उसका जातीय विभाजन का खेल खत्म हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक बार जातीय जनगणना हो जाने पर समानुपातिक ढंग से सबकी हिस्सेदारी तय हो जाएगी और विकास और सामाजिक न्याय के लिए यह आवश्यक भी है। कांग्रेस नेता आराधनी मिश्र उर्फ मोना ने जातिवार गणना कराये जाने के बारे में प्रस्ताव पारित करने की मांग उठाया। जिसे अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुयी तो सपा सदस्य अपनी सीट पर आये ओर सदन की कार्यवाही शुरू हुयी।





