- हाईस्कूल में 83.31 व इंटर में 74.63 फीसद सफल
- हाईस्कूल में रिया और इंटर में अनुराग ने किया टॉप
- अबकी बार मिलेगी कम्पार्टमेंट परीक्षा की सुवधा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के नतीजे शनिवार को घोषित कर दिये गये। उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने को रिजल्ट घोषित करते हुए बताया कि इस बार का रिजल्ट पहले से ज्यादा अच्छा है और एक बार फिर लड़कियों ने अपना दबदबा कायम रखा है। हाई स्कूल में बागपत जिले के बड़ौत श्रीराम एसएम इंटर कालेज की रिया जैन तथा इंटर में बड़ौत के इसी कालेज के ही अनुराग जैन ने टाप किया है।
हाईस्कूल में जहां 83.31 फीसद विद्यार्थियों को सफलता मिली है, वहीं इंटर में 74.63 प्रतिशत को सफलता मिली है। शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पहली बाद एक विषय में फेल होने वाले छात्रों को कम्पार्टमेंट की सुविधा भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय मार्कशीट की मूल कॉपी मिलना कठिन हो रहा है, इसलिए फिलहाल पास हुए छात्र-छात्राओं को एक जुलाई से डिजिटल मार्कशीट प्रधानाचार्यों द्वारा दी जायेंगी, जिनके आधार पर छात्र-छात्रायें अगली कक्षाओं में प्रवेश ले सकेंगे। मूल मार्कशीट 15 जुलाई के बाद विद्यालयों को भेजी जायेंगी। इसके बाद छात्र वहां से प्राप्त कर सकेंगे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सफल परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी
इस बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफल परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। साथ ही असफल परीक्षार्थियों को निराश न होने का सलाह देते हुए कहा है कि वे और अधिक मेहनत करें तो सफलता उनके कदम चूमेगी। दोनों ने शिक्षा विभाग के मंत्री और अधिकारियों की सराहना भी की है। शर्मा ने बताया कि हाई स्कूल में इस बार कुल 30,24,480 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिसमें 30,02,290 संस्थागत और 22,190 व्यक्तिगत थे।
परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 83.44 और व्यक्तिगत का 65.03 फीसदी
इनमें से 27,53,185 संस्थागत और 19,471 व्यक्तिगत यानि कुल 27,72,656 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। संस्थागत परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 83.44 और व्यक्तिगत का 65.03 फीसदी है। परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं में से 14,90,814 लड़के और 12,81,842 लड़कियां शामिल थीं। इनमें से 11,90,888 लड़के और 11,18,914 लड़कियां पास हुईं। इस तरह लड़कों का पास प्रतिशत 79.88 और लड़कियों का 87.29 फीसदी है। सभी परीक्षार्थियों में लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों के मुकाबले 7.41 प्रतिशत ज्यादा हैं। संस्थागत परीक्षार्थियों का पास परसेंटेज व्यक्तिगत छात्रों और छात्राओं से 18.41 प्रतिशत ज्यादा है।

हाई स्कूल में छात्रा रिया जैन ने 96.67 प्रतिशत नम्बरों के साथ किया टॉप
शर्मा ने बताया कि हाई स्कूल में छात्रा रिया जैन ने 96.67 प्रतिशत नम्बरों के साथ टॉप किया है, जबकि बाराबंकी के ही दो छात्र अभिमन्यु वर्मा और योगेश प्रताप सिंह टॉप करने वालों की सूची में दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। अभिमन्यु को जहां 95.83 प्रतिशत नंबर मिले हैं, वहीं योगेश ने 95.33 फीसदी स्कोर किया है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट में 25,18,324 संस्थागत और और 68,015 प्राइवेट यानि कुल 25,86,339 छात्रों ने पंजीकरण करवाया था। इनमें से कुल 24,84,479 छात्र व छात्रों ने परीक्षा दी।
इंटर में सफल परीक्षार्थियों का प्रतिशत 74.63 फीसदी रहा
परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों में से 18,08,414 संस्थागत और 45,685 प्राइवेट लड़के व लड़कियां पास घोषित हुए हैं। इंटर में सफल परीक्षार्थियों का प्रतिशत 74.63 फीसदी रहा। संस्थागत छात्रों का पास प्रतिशत 74.64 और व्यक्तिगत का 74.28 फीसद रहा। शर्मा ने कहा कि इंटरमीडिएट में कुल परीक्षार्थियों में 13,92,675 लड़के और 10,91,804 लड़कियां शामिल रहीं। इनमें से 9,59,223 छात्र और 8,94,876 छात्राएं सफल हुए हैं। लड़कों का पास प्रतिशत 68.88 और लड़कियों का 81.96 फीसद है। इस तरह लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से 13.08 प्रतिशत ज्यादा है। अगर संस्थागत और प्राइवेट परीक्षार्थियों की तुलना करें, तो दोनों के पास प्रतिशत में सिर्फ 0.16 फीसदी का अंतर है।
इंटर में बड़ौत के छात्र अनुराग मलिक ने 97 प्रतिशत नंबर के साथ टॉप किया
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इंटर में बड़ौत के छात्र अनुराग मलिक ने 97 प्रतिशत नंबर के साथ टॉप किया है। अनुराग के बाद प्रयागराज के कोरांव के एसपी इंटर कॉलेज के प्रांजल सिंह और औरैया गोपाल इंटर कॉलेज के उत्कर्ष शुक्ला मेरिट में दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। प्रांजल को जहां 96 प्रतिशत नंबर मिले हैं, वहीं उत्कर्ष को 94 फीसदी अंक मिले हैं। शर्मा ने कहा कि हाई स्कूल की तरह इंटर के टॉपर्स को भी सरकार की तरफ से एक-एक लाख रुपये और एक-एक लैपटॉप दिया जायेगा।
आनलाइन माध्यम से 7,783 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया
शर्मा ने कहा कि इस बार नकलविहीन बोर्ड परीक्षाओं के लिए वृहद तैयारियां की गयी थीं। छात्र-छात्राओं के हित में 10 महीने पहले ही बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया गया था। पहले जो परीक्षाएं एक से डेढ़ महीने में होती थीं, उनको पहली बार रिकॉर्ड 15 दिनों में पूरा कराया गया। आनलाइन माध्यम से 7,783 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया, जो 2017 से 3,631 केंद्र कम है। परीक्षा की निगरानी वेबकास्टिंग के माध्यम से की गयी। नकलविहीन परीक्षा के लिए परीक्षा कक्षों में 1.94 लाख वॉयस रिकॉर्डर से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे। पहली बार क्रमांकित और चार रंगों वाली आंसर शीट का इस्तेमाल किया गया। संवेदनशील जिलों में सिली हुई आंसर शीट इस्तेमाल में लायी गयीं।
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के निवारण के लिए विशेषज्ञों की मदद से पहली बार टोल-फ्री हेल्पलाइन की व्यवस्था की गयी है। लॉकडाउन जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी 52.57 लाख से ज्यादा छात्रों की 2.82 करोड़ से ज्यादा कॉपियों का मूल्यांकन 1,46,755 परीक्षकों द्वारा मात्र 23 दिन में पूरा किया गया।
– डॉ. दिनेश शर्मा






