आगरा । उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से राष्ट्र सुरक्षा में सेंध लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भारतीय नौसेना के एक जवान को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (आईएसआई) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान आदर्श कुमार उर्फ लकी के रूप में हुई है, जो आगरा के कागारौल क्षेत्र के चीत गांव का निवासी है और पिछले सात वर्षों से नौसेना में सेवा दे रहा था। वर्तमान में वह केरल के कोच्चि स्थित दक्षिणी नेवल कमांड में लांस नायक के पद पर तैनात था। हैरानी की बात यह है कि आरोपी पिछले महीने ही अपनी शादी के बाद दुबई में हनीमून मनाकर लौटा था और गांव पहुंचते ही यूपी एटीएस ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। 10 मार्च 2026 को उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जांच एजेंसियों को लंबे समय से इनपुट्स मिल रहे थे कि कोई संदिग्ध व्यक्ति पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को देश की रणनीतिक और गोपनीय जानकारियां लीक कर रहा है। एटीएस द्वारा बिछाए गए इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक सर्विलांस के जाल में आदर्श कुमार का नाम उभरकर सामने आया। आरोप है कि उसने कोच्चि नेवल कमांड में अपनी तैनाती का फायदा उठाते हुए युद्धपोतों और महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों की संवेदनशील तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों को साझा किए। डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में यह भी खुलासा हुआ है कि इन गोपनीय जानकारियों के बदले उसे नियमित रूप से पैसों का भुगतान किया जा रहा था। जिस जवान की भर्ती पर सात साल पहले पूरे गांव में जश्न मना था, आज वही परिवार और ग्रामीण उसके इस कृत्य से स्तब्ध हैं।
यूपी एटीएस अब उस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिससे आदर्श जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह गहरी चिंता का विषय है कि देश की सीमाओं की रक्षा की शपथ लेने वाला जवान आखिर कैसे दुश्मन देश के हनीट्रैप या लालच के जाल में फंस गया। जांच का दायरा अब आरोपी के बैंक खातों और संपर्कों तक फैल गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में नौसेना या अन्य विभागों के कुछ और लोग तो शामिल नहीं हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर पहले भी भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकी नेटवर्कों को वित्तीय व लॉजिस्टिक सहायता देने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं, और इस ताजा घटनाक्रम ने सुरक्षा तंत्र को और अधिक सतर्क कर दिया है।





