काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है। मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के अनुसार, रविवार को होने वाले मुख्य आयोजन में लगभग आठ लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। विशेष बात यह है कि इन श्रद्धालुओं में करीब 30 प्रतिशत संख्या भारतीय पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की होगी। बागमती नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर को उत्सव के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की मालाओं, कागजी झंडों और बैनरों से पूरा परिसर जगमगा उठा है, जो देश-विदेश से आने वाले हिंदू धर्मावलंबियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।
सुरक्षा के लिहाज से इस बार के इंतजाम बेहद कड़े और व्यापक रखे गए हैं। ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक सुभाष जोशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी कि आगामी 5 मार्च को होने वाले चुनावों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया गया है। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी के लिए लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें नेपाल पुलिस के साथ-साथ नेपाली सेना के जवान भी शामिल हैं। इसके अलावा, भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 26 विभिन्न संगठनों के कम से कम 2,500 स्वयंसेवकों की मदद ली जा रही है। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर के भीतर शराब, नशीले पदार्थों और अन्य मादक द्रव्यों के सेवन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक अनुष्ठानों और सुविधाओं की बात करें तो इस महाशिवरात्रि पर लगभग 4,000 साधुओं और सैकड़ों नागा बाबाओं के आगमन की उम्मीद है, जो मंदिर की रौनक को और बढ़ाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के कपाट रविवार तड़के 2:00 बजे ही खोल दिए जाएंगे, जिससे भक्त चारों दिशाओं से शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट ने भक्तों के लिए भजन-कीर्तन, धार्मिक नृत्य, संगीत कार्यक्रम, अलाव और निःशुल्क भोजन (भंडारा) की व्यापक व्यवस्था की है। साथ ही, पीने के पानी, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और चंदन टीका वितरण जैसे इंतजाम भी किए गए हैं। वृद्ध, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रवेश द्वार और अलग से सुगम व्यवस्था की गई है ताकि वे बिना किसी कठिनाई के महादेव के दर्शन कर सकें।
इस भव्य आयोजन में राजकीय उपस्थिति भी देखने को मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल भी रविवार शाम करीब 4:30 बजे पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। पशुपतिनाथ मंदिर न केवल नेपाल बल्कि पूरी दुनिया के हिंदुओं के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र है, और महाशिवरात्रि के दिन यहाँ का नजारा अलौकिक होता है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन पुख्ता इंतजामों के बीच श्रद्धालु शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।





