back to top

बाजारों में छठ पूजा सामग्री की खूब हुई खरीदारी

लखनऊ। बुधवार को भी महिलाओं ने दिन भर बाजारों में पूजन सामग्री खरीदी। गन्ना, सेब, केला, अन्नानास, शरीफा, कच्ची हल्दी, अमरस, मौसम्मी, चकोतरा, गागल, नारियल, अनार, शकरकंद, सिंघाड़ा आदि खरीदने के लिए फलों की दुकानों पर महिलाओं की खूब भीड़ रही।
पीतल के लोटे, सूप, डाला, ढलिया और सुपली की भी खूब बिक्री हुई। मुंशीपुलिया में दुकानदार रमेश ने बताया कि महिलाओं ने अन्नानास, चकोतरा और अनार के अलावा पूजा में लगने वाले फलों को खरीदा। इसके अलावा हल्दी का पौधा, गन्ना, अमरस, शरीफा महिलाओं की डिमांड में खूब रहा।
शहर के निशातगंज पुल के नीचे गोमतीनगर में पत्रकारपुरम, इंदिरानगर में भूतनाथ, आलमबाग, तेलीबाग समेत अन्य जगह पर दुकानदारों ने सड़क किनारे दुकानें सजाई हुई थीं। सभी जगह पर एक साथ 10 से 15 दुकान लगी रहीं। फल, पूजन का सामान ज्यादातर दुकानों पर एक ही साथ मिला। पूजन के सामान में दौरी टोकरी सूप, शहद, काला तिल, पान का पत्ता, सुपारी, गन्ना, सुथनी, अनार, अनानास, नारियल, अदरक, हल्दी, बड़ा नीबू, बेर, संतरा, इमली, कच्चा कद्दू, शरीफा आदि बिकता रहा। इसके अलावा आटा, गुड़, साठी के चावल आदि की खरीदारी हुई। निशातगंज के दुकानदार राजू ने बताया कि चौक कतरा 50 रुपए का छोटा और बड़ा पीस 70 रुपए का है। कैथा 10 रुपए पीस, सुतली 40 से 50 रुपए, शकरकंद 70 से 90 रुपए किलो आदि मिल रहा है। बाजार में इस बार खासतौर से कटक का जालदार काम वाला चांदी का सूप खासा पसंद किया जा रहा है। इसकी कीमत 13 हजार से 15 हजार रुपये है। इसके साथ ही गोल्डन लुक वाला चांदी का सूप 25 हजार का है। चांदी का पंचदीप कलश 8 हजार से 70 हजार रुपये का है। डिजाइनदार मिट्टी की कोसी के अलावा बाजार में झालर वाले सूप भी मिल रहे हैं।

पूजा का सामाजिक, सांस्कृतिक महत्व:
छठ पूजा का सबसे महत्त्वपूर्ण पक्ष इसकी सादगी पवित्रता और लोकपक्ष है। भक्ति और आध्यात्म से परिपूर्ण इस पर्व में बाँस निर्मित सूप, टोकरी, मिट्टी के बर्त्तनों, गन्ने का रस, गुड़, चावल और गेहूँ से निर्मित प्रसाद और सुमधुर लोकगीतों से युक्त होकर लोक जीवन की भरपूर मिठास का प्रसार करता है। शास्त्रों से अलग यह जन सामान्य द्वारा अपने रीति-रिवाजों के रंगों में गढ़ी गयी उपासना पद्धति है। इसके केंद्र में वेद, पुराण जैसे धर्मग्रन्थ न होकर किसान और ग्रामीण जीवन है। इस व्रत के लिए न विशेष धन की आवश्यकता है न पुरोहित या गुरु के अभ्यर्थना की। जरूरत पड़ती है तो पास-पड़ोस के सहयोग की जो अपनी सेवा के लिए सहर्ष और कृतज्ञतापूर्वक प्रस्तुत रहता है। इस उत्सव के लिए जनता स्वयं अपने सामूहिक अभियान संगठित करती है। नगरों की सफाई, व्रतियों के गुजरने वाले रास्तों का प्रबन्धन, तालाब या नदी किनारे अर्घ्य दान की उपयुक्त व्यवस्था के लिए समाज सरकार के सहायता की राह नहीं देखता। इस उत्सव में खरना के उत्सव से लेकर अर्ध्यदान तक समाज की अनिवार्य उपस्थिति बनी रहती है। यह सामान्य और गरीब जनता के अपने दैनिक जीवन की मुश्किलों को भुलाकर सेवा-भाव और भक्ति-भाव से किये गये सामूहिक कर्म का विराट और भव्य प्रदर्शन है।

RELATED ARTICLES

शहर की चार विभूतियों को आनलाइन मिला प्रेमचन्द्र अन्तरराष्ट्रीय सम्मान

लखनऊ। नार्वे से प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2026 डिजिटल संगोष्ठी में लखनऊ के विद्वानों साहित्य आलोचना के लिए विभूतियों को सम्मानित किया गया। लखनऊ की...

भारतीय कला की विरासत से जुड़ते विद्यार्थी

छह दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का शुभारम्भलखनऊ। लखनऊ पब्लिक स्कूल, आनंद नगर शाखा में सौंदर्य एवं सांस्कृतिक विकास कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत भारत के सुप्रसिद्ध...

याद किए गए राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

गहोई वैश्य सेवा समिति की साहित्यिक गोष्ठीलखनऊ। गहोई वैश्य सेवा समिति के तत्वावधान में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जयंती के अवसर पर सोमवार को गोमती...

लखनऊ में हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठे शिवालय

सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्तों ने किया रुद्राभिषेकलखनऊ। शिव आराधना को...

शहर की चार विभूतियों को आनलाइन मिला प्रेमचन्द्र अन्तरराष्ट्रीय सम्मान

लखनऊ। नार्वे से प्रेमचंद अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2026 डिजिटल संगोष्ठी में लखनऊ के विद्वानों साहित्य आलोचना के लिए विभूतियों को सम्मानित किया गया। लखनऊ की...

सावन का पहला मंगला गौरी व्रत आज, सुहागिनें करेंगी पूजा

लखनऊ। मंगला गौरी का व्रत हर साल सावन मास के मंगलवार के दिन रखा जाता है। ऐसे में सावन में आने वाले सभी मंगलवार...

11 हजार मातृशक्तियों का वृहद सामूहिक सुंदरकांड का संकल्प

16 को सनातन धाम लॉन परिसर में हरियाली तीज झूला उत्सव एवं सम्मान समारोह होगा बाबा भोलेनाथ की दिव्य झांकी भी बनेगी आकर्षणलखनऊ। सनातन ध्वजवाहिका...

भारतीय कला की विरासत से जुड़ते विद्यार्थी

छह दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का शुभारम्भलखनऊ। लखनऊ पब्लिक स्कूल, आनंद नगर शाखा में सौंदर्य एवं सांस्कृतिक विकास कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत भारत के सुप्रसिद्ध...

याद किए गए राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

गहोई वैश्य सेवा समिति की साहित्यिक गोष्ठीलखनऊ। गहोई वैश्य सेवा समिति के तत्वावधान में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जयंती के अवसर पर सोमवार को गोमती...