रवीन्द्रालय चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेला : आठवां दिन
लखनऊ। रवीन्द्रालय चारबाग में चल रहा पुस्तक मेला 22 को विदा ले लेगा। आज दिन में हुई बारिश ने स्टालधारकों के लिये दुश्वारियां पैदा कीं तो आने वाले पुस्तक प्रेमियों के लिये मौसम खुशनुमा बना दिया।
कला और संस्कृति की नगरी में पाठकों को कला से जुड़े विषयों की पुस्तकों की तलाश है। भारतीय कला प्रकाशन में ऐसी अनेक पुस्तकें हैं ही, नृत्य, नाटक, रंगमंच, गायन आदि की विशिष्ट पुस्तकें शुभी प्रकाशन गुरुग्राम स्टाल पर भी खूब हैं। यहां कनका सुधाकर की इण्डियन क्लासिकल डांसेज, डा.विजयपाल की हस्त मुद्रा थेरेपी, नृत्यांगना शोवना नारायण व गीतिका की इण्डियन माइथोलॉजी थ्रू क्लासिकल डांस, माया दास की अभिनय चन्द्रिका एण्ड ओडिसी डांस, वीना मूर्ति विजय की नृत्य तरंगिणी और शैरोन लावेन की आर्ट विदाउट फ्रण्टियर्स जैसी अनेक पुस्तकें हैं। लखनऊ की संस्कृति से जुड़ी तथ्यात्मक पुस्तिकाएं हिन्दी वांग्मय निधि के स्टाल पर हैं। यहां 45 पुस्तिकाओं का सेट एक हजार रुपये में उपलब्ध है। स्थानीय लेखकों के स्टाल पर कमलेश दुबे की तबले पर लिखी पुस्तक भी उपलब्ध है।
मंच कार्यक्रमों में आज डा.डीएस शुक्ला की किताब ‘पत्नी पुराण’ के विमोचन के साथ उसपर चर्चा चली। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डा.सरजीत सिंह डंग, आर्किटेक्ट केके अस्थाना, डा.सुशील अवस्थी, विनीता और लेखक ने विचार रखे। श्रीमती नम्रता ने कथा वाचन किया। अलका प्रमोद की पांच किताबों लेख संग्रह अविरल धारा- सनातन संस्कृति की, लघुकथा संग्रह बदलता दृश्य, काव्य संग्रह मन की नदी, बाल कविता संग्रह फुलवारी रंग बिरंगी और बाल नाट्य संग्रह नुक्कड़ नुक्कड़ खेलें खेल का विमोचन हुआ। इस अवसर पर लेखिका के साथ प्रो.हरिशंकर मिश्र, संजीव जायसवाल संजय, डा.रश्मिशील, नीलम राकेश आदि ने रचनाओं पर विचार व्यक्त किये। सुबह प्रगतिशील मानव कल्याण एवं शिक्षण संस्थान के कार्यक्रम के बाद पूर्व आईपीएस हरीश कुमार की पुस्तक कुम्भ पुलिस और पोटलीबाबा और एवम इटावा कल और आज पर हुयी चर्चा में अमित पाण्डेय और सुमित नारायण शामिल हुए। कविता किस्से कहानियां की काव्य प्रस्तुति इश्क के सात मकाम के शब्द श्रोताओं को गहरे भावों में ले गये। यह कार्यक्रम बीते दौर के शायरों और लेखकों को समर्पित था। मंच पर ज्योति, विशाखा, अनुष्का, मोहित यादव, ऋषभ, पल्लवी, स्वेजल और हर्ष ने कविताओं, कहानियों की प्रस्तुति दी। अंत साहित्य साधक मंच के काव्य समारोह से हुआ।





