लखनऊ। कोरोना वायरस के प्रकोप पर काबू पाने के लिए देश भर में लॉकडाउन को देखते हुए लखनऊ के मुस्लिम धर्मगुरूओं (मौलानाओं) की अपील पर करीब 800 छोटी- बड़ी मस्जिदों में जुमे (शुक्रवार दोपहर पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज) की नमाज नही पढ़ी गई। हजारों मुसलमानों ने घरों में ही नमाज अदा की।
शहर की जामा मस्जिद ईदगाह के इमाम खालिद रशीद फिरंगी महली और दारूल उलूम नदवतुल उलेमा के प्रधानाचार्य सईदुररहमान आजमी नदवी ने मुस्लिम समाज से शुक्रवार की नमाज मस्जिद के बजाय घरों में अदा करने की अपील की थी। वहीं इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने जुमे की विशेष नमाज दो सप्ताह के लिए स्थगित करने का एलान पहले ही कर दिया था।
इसके अलावा दिन में पांच बार पढ़ी जाने वाली नमाज भी घर पर अदा करें। शहर की कई मस्जिदों के बाहर ऐसे बोर्ड भी लगे दिखे जिन पर लिखा था कि आप लोग नमाज घर में अदा करें।
सोशल डिस्टेंसिंग का रखा ख्याल
गोरखपुर जिले की प्रमुख मस्जिदों में भी जुमे की नमाज अदा करने के लिए चंद लोग ही पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा। गोरखपुर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल जलील मजाहिरी ने लोगों से अपील की कि वे लॉकडाउन के दौरान अपने घरों में ही रहें, क्योंकि जुमे की नमाज तीन लोगों के साथ भी पढ़ी जा सकती है। मौलाना मजाहिरी की इस अपील के बाद ज्यादातर मुसलमानों ने अपने घर में ही नमाज अदा की। मस्जिदों में बमुश्किल 57 लोग ही नमाज पढ़ते दिखे।





