नाटक फितूर का मंचन उद्यान भवन सभागार में किया गया
लखनऊ। सुगत सांस्कृतिक शैक्षिक संस्था की नाट्य प्रस्त ुति नाटक फितूर का मंचन उद्यान भवन सभागार में किया गया। नाटक का निर्देशन आदित्य शर्मा ने किया।
नाटक फितूर आपराधिक प्रवृत्तियों में संलग्न लोगों के दिमागी फितूर पर आधारित है। नाटक में एक सुन्दर लड़की अपने हुस्न का इस्तेमाल करके एक अधेड़ शादीशुदा बड़े पद पर कार्यरत सरकारी मुलाजिम सुभाष को फंसा लेती है और फिर उसे एक अनजान फ्लैट में लेकर आती है। फ्लैट में पहले से उपस्थित युवती के साथी मिलकर उसे किडनैप करते है। फिर 2 करोड़ रूपयों की फिरौती मांगते है। और अंत में पता चलता है सुभाष कोई बड़ा सरकारी मुलाजिम नहीं है, वो तो बस एक ड्राइवर है, जो बड़े अधिकारी की गाड़ी चलाता है। सुभाष की वास्तविक्ता जानकर सभी किडनैपर हैरान रह जाते है और फिर इस असमंजस में रह जाते है कि अब क्या किया जाय। फिर किडनैपर सुभाष से केवल 10 लाख रुपए की डिमांड करते है। पहले तो सुभाष मना करता है फिर बाद में अपनी जान जोखिम देखकर 10 लाख देने को तैयार हो जाता है। फिर कुछ ऐसा समंजस बनता है कि चारों किडनैपर आपस में एक-दूसरे के दुश्मन बन जाते है। और अंत में पैसों की लालच की वजह से सभी किडनैपर मर जाते है। ड्राइवर सुभाष बच जाता है और वो अपने पैसे लेकर जाने ही वाला होता है कि दरवाजें पर खट-खट होता है। इसी सस्पेंस के साथ नाटक समाप्त होता है। नाटक में अहम भूमिका संतोष प्रजापति, माही, मनोज तिवारी, ओमकार पुष्कर, अजय कुमार, अनामिका सिंह ने अभिनय किया।





