गिरजाघरों में श्रद्धा पूर्वक मनाया गया गुड फ्राइडे, चर्चों में हुई विशेष प्रार्थना सभाएं, गाए गये प्रभु यीशु के बलिदान को याद करते हुए गीत
लखनऊ। गुड फ्राईडे के मौके पर शुक्रवार को कैथेड्रल चर्च परिसर में सलीब का जुलूस निकाला गया। जुलूस में मौजूद भक्त जुबां पर प्रभु यीशु के अंतिम सात वचन और कंधो पर सलीब उठाये चर्च की परिक्रमा करते रहे। शहर के अन्य गिरजाघरों में भी ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रभु के विश्व शांति, एकता और भाईचारे के संदेश को याद करते हुए प्रार्थना की।
हजरतगंज स्थित कैथेड्रल चर्च में सुबह बिशप की अगुवाई में प्रार्थना सभा हुई। इस दौरान ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रभु यीशु द्वारा सलीब से कहे सात वचनों को याद किया। बिशप ने हे पिता इन्हें क्षमा कर, आज ही तू मेरे साथ स्वर्ग लोक में होगा, हे नारी देख ये तेरा पुत्र है, एली एली, मै प्यासा हूं, पूरा हुआ हे पिता मैं अपनी आत्मा को, जैसे सात वचन दोहराये। शाम को चर्च परिसर में सलीब का जुलूस निकाला गया। भक्तों ने कंधों पर सलीब उठाकर प्रभु की यातनाओं और पीड़ा का मनन किया। जुलूस के दौरान भक्तों ने क्रूस चढ़ के प्राण गंवायाए जैसे आराधना गीत गाये। फादर डोनाल्ड डिसूजा ने बताया कि इस दिन को शुभ शुक्रवार इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन ही प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति को उनके पापों से बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिये थे। प्रभु यीशु के कहे गये सात वचनों का सार है कि अपने शत्रुओं को क्षमा करो और अपने आप को परमेश्वर की योजना पूर्ण करने के लिए समर्पित करो। अन्य गीत जैसे जो क्रूस पे जाती है वो मेरी राह है…, जो क्रूस पे कुर्बान है वो मेरा मसीहा है… की अगुवाई रोहित, स्नेहा, प्रिया, जया ने की। उपेंद्र ने शुरूआती प्रार्थना की। अंजलि, अर्पण और शशांक ने विशेष गीत प्रस्तुत किया।
व्रत रखकर श्रद्धालुओं ने जीसस को किया याद:
राजधानी में ईसाई समुदाय के लोगों ने व्रत रखकर और प्रार्थना कर गुड फ्राइडे मनाया। मान्यता है कि ईसा मसीह जीसस क्राइस्ट को आज ही के दिन सूली पर चढ़ाया गया था। सुबह से ही कैथोलिक चर्चों में लोगों ने आना शुरू कर दिया। उन्होंने व्रत रखते हुए गिरजाघरों में प्रार्थना की। कुछ लोग परंपराओं के मुताबिक गुड फ्राइडे के 40 दिन पहले से ही व्रत रखना शुरू कर देते हैं। क्राइस्ट चर्च के बिशप आॅफ लखनऊ ने कहा, यह दिन जीसस की मृत्यु के रूप में मनाते हैं। हम चर्च के भीतर और उसके आसपास इस प्रकरण का नाटक के माध्यम से दोबारा से मंचन करते हैं। इसके बाद ही लोग अपना व्रत खोलते हैं। शुक्रवार को राजधानी के गिरजाघरों में गुड फ्राइडे को लेकर प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। यहां ईसाई धर्म के सैकड़ों लोगों ने चर्च में आकर प्रार्थना की।
मानवता का दिया संदेश:
प्रभु यीशु के बलिदान दिवस गुड फ्राइडे पर राजधानी के गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा हुई। प्रभु यीशु के अनुयायियों ने यीशु द्वारा मानव कल्याण के हित में भोगे गए दुख को याद किया। गुड फ्राइडे पर प्रमुख आयोजन सेंट जोसेफ कैथेड्रल चर्च में हुआ। परंपरागत पूजन और प्रभु यीशु के सातों वचन स्मरण के बाद 14 चरणों में प्रभु यीशु मसीह को क्रूस तक ले जाने के प्रसंग को प्रस्तुत किया। अनुयायियों ने पवित्र क्रास को लेकर उन चरणों को जुलूस के रूप में पैदल चलकर याद किया। जुलूस का नेतृत्व बिशप जेराल्ड जॉन मथायस ने किया। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने मानव जाति के कल्याण के लिए अपना बलिदान दिया। मानवता के लिए जीवन देने वाले प्रभु यीशु सूली पर चढ़े थे। प्रभु यीशु ने प्रेम और स्नेह का सन्देश दिया उनको अपने जीवन में अपनाकर हम अपना और समाज का उद्धार कर सकते हैं।
कल जी उठेंगे प्रभु यीशु:
गुड फ्राइडे पर सलीब पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन यानी रविवार को प्रभु यीशु फिर जी उठे थे। जिसे ईस्टर संडे के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर ईसाई समाज के लोग विशाल ईस्टर जुलूस निकालेंगे। जुलूस सेन्ट्रल मेथोडिस्ट चर्च कैसरबाग चौराहे से शुरू होकर नूर मंजिल से नॉवेल्टी सिनेमा रोड, हजरतगंज से होते हुए कैथेड्रल चर्च परिसर पहुंच कर समाप्त होगा। जुलूस के दौरान अनुयायी परम्परागत प्रभु यीशु को समर्पित गीत गाएंगे।
एबीसी चर्च अलीगंज में हुई विशेष आराधना:
एसेम्बली आॅफ बिलीवर्स चर्च अलीगंज में प्रभु यीशु की विशेष आराधना हुई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु यीशु को समर्पित गीतों के साथ हुई। चर्च परिसर में बच्चों ने प्रभु यीशु के सलीब तक पहुंचने के 14 चरणों को नूत्य नाटिका के जरिए दशार्या। चर्च के पादरी मौरिस कुमासर ने प्रभु यीशु के सातों वचनों का अनुयायियों को स्मरण कराया।
प्रभु यीशु के अंतिम सात वचनों का गिरिजाघरों में हुआ पाठ
लखनऊ। गुड फ्राइडे पर शुक्रवार को प्रभु यीशु के अंतिम सात वचनों का गिरिजाघरों में पाठ का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने हे पिता इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं, मैं तुझ से सच कहता हूँ कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा, हे नारी देख ये तेरा पुत्र है, हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया, मैं प्यासा हूं, पूरा हुआ। हे पिता मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं जैसी पंक्तियों से प्रभु यीशु की प्रार्थना की।
चर्च में पहुंचे श्रद्धालु:
शुक्रवार को राजधानी के गिरजाघरों में गुड फ्राइडे को लेकर प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। यहां ईसाई धर्म के सैकड़ों लोगों ने चर्च में आकर प्रार्थना की। इस दिन वे आॅफ द क्रॉस सबसे महत्वपूर्ण समारोह होता है। इसके तहत ईसा मसीह की माउंट कैल्वरी तक 14 पड़ावों से गुजरने वाली यात्रा का मंचन किया जाता है। श्रद्धालु स्तुति गान करते हुए हर एक पड़ाव पर जाते हैं। इस दिन लोगों के पापों को माफ करने के लिए जीसस ने सूली पर चढ़कर बलिदान दे दिया था। आज के दिन हम सभी ईसाई लोग शोक मनाते हैं। प्रार्थना में आई आइवरी जॉन बताती हैं कि 40 दिनों तक ईसाई लोग अपनी पसंद की चीजें जैसे शराब और मांसाहारी भोजन त्याग देते हैं। शाम की प्रार्थना में शरीक होने के बाद ही अपना व्रत खोलते हैं।
दया का घर में गुड फ्राइडे पर दिया प्रेम शांति का संदेश
लखनऊ। राजधानी के पिंक सिटी, बुद्धेश्वर स्थित ‘दया का घर’ में शुक्रवार को प्रभु यीशु मसीह के बलिदान दिवस (गुड फ्राइडे) के पावन अवसर पर सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बेतसैदा फैलोशिप ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मसीही समाज सहित विभिन्न वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस विशेष अवसर पर चर्च में क्रूस से कहे गए यीशु मसीह के सात वचनों (वाणियों) का पाठ किया गया। डॉ. हरबर्ट एबल जी और अन्य वरिष्ठ पासवानों ने क्रूस की इन वाणियों पर प्रकाश डालते हुए समाज को शांति, प्रेम और क्षमा का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए चर्च के फाउंडर आर्च बिशप डॉ. आर.सी. शेत ने कहा, प्रभु यीशु मसीह ने समस्त मानव जाति के कल्याण, पापों से मुक्ति और दुनिया में शांति की स्थापना के लिए स्वयं को क्रूस पर बलिदान कर दिया। ईश्वर ने प्रेम और उद्धार का संदेश देने के लिए मनुष्य के रूप में जन्म लिया और दीन-दुखियों, वंचितों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। आज हम गुड फ्राइडे को उद्धार के उत्सव के रूप में मना रहे हैं।
इस दौरान बच्चों ने प्रभु यीशु के बलिदान और उनके संदेशों को दशार्ते हुए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, सुरीले गीत और सुंदर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिसने सभी का मन मोह लिया।
इस गरिमामयी आयोजन में पूर्व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री श्री कौशल किशोर जी और गृह मंत्रालय के सहायक निदेशक श्री हितेश गोयल जी ने विशेष रूप से शिरकत की और कार्यक्रम की सराहना की।
स्वास्थ्य शिविर का आयोजन:
‘दया का घर’ द्वारा 03 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में आज एक विशाल नि:शुल्क मेडिकल परीक्षण कैंप का आयोजन किया गया। ग्लैक्सी हॉस्पिटल के प्रसिद्ध डॉक्टरों की टीम द्वारा लोगों की शुगर, बीपी, थायराइड, ब्लड टेस्ट और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच की गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती जैसमिन जे. एबल, पास्टर रॉबिंसन, पास्टर अजय कुमार, पास्टर विनोद, पास्टर रामचंद्र, पास्टर राजेश, बिशप मयंक डेविड, राम आसरे, पप्पू भाई सहित लगभग 50 सेवादारों और गणमान्य लोगों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।





