मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में आयोजित
लखनऊ। मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस कथा वाचन में भगवान श्रीकृष्ण एवं देवी रुक्मिणी के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण, भक्तिमय एवं आनंददायक वर्णन किया गया। कथा व्यास ने रुक्मिणी जी की निष्कलंक भक्ति, अखंड श्रद्धा तथा भगवान श्रीकृष्ण की करुणा और लीलामय स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
रुक्मिणी विवाह प्रसंग के दौरान मंगलाचरण, भजन-कीर्तन एवं जयघोष से संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर हो गया। विवाह की झांकी एवं प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति, प्रेम और समर्पण का भाव जागृत किया। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची भक्ति और पूर्ण समर्पण से भगवान स्वयं भक्त के जीवन में प्रवेश करते हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के आशीर्वाद से स्वयं को कृतार्थ अनुभव किया। कथा आयोजन प्रबंधक देवरााज सिंह ने समस्त श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं भक्तों का आभार व्यक्त किया और सभी के मंगलमय जीवन की कामना की।
मीडिया प्रभारी अभय उपाध्याय ने बताया की कथा के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित भक्तगणों ने श्रद्धापूर्वक सहभाग किया। कथा के दौरान मंदिर व्यवस्था में मुख्य रूप से प्रबंधक देवराज सिंह मातृशक्ति सेविका आशा तिवारी माला गुप्ता शालनी लक्ष्मी पंडित शिवम पांडेय राहुल सारस्वत तुषार मेघांश विकास आदर्श महाराज एवं अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।





