कोयंबटूर (तमिलनाडु)। तमिलनाडु पुलिस की सीबी-सीआईडी ने इरिडियम व्यापार के नाम पर धोखाधड़ी के अंतर-राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर आरबीआई अधिकारी होने का दावा कर लोगों से 5.65 करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस गिरोह ने फर्जी साक्षात्कार और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए एक सुनियोजित रणनीति के जरिए विभिन्न राज्यों में कम से कम 23 लोगों को निशाना बनाया।
सीबी-सीआईडी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब कोयंबटूर के एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि इरिडियम व्यापार का कारोबारी बताकर कुछ लोगों ने उससे तीन करोड़ रुपये ठग लिये। पीड़ित को बताया गया था कि आरबीआई में कई करोड़ रुपये जमा हैं, जिन्हें 10 लाख रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के भुगतान पर जारी कर दिया जाएगा। प्रारंभिक भुगतान के बाद, पीड़ित को नयी दिल्ली ले जाया गया, जहां उसकी मुलाकात उन व्यक्तियों से हुई जिन्होंने आरबीआई के विदेशी मुद्रा विभाग का अधिकारी होने का दावा किया। आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी आरबीआई पहचान पत्र पहनकर पीड़ित का आधिकारिक साक्षात्कार लिया, जिसमें बायोमेटिक फिंगरप्रिंट भी लिए गए ताकि पीड़ित को विश्वास दिलाया जा सके।
उन्होंने आरबीआई के नाम और प्रतीक चिन्ह का दुरुपयोग करते हुए क्रेडिट सलाह और डिस्पैच आॅर्डर जैसे जाली दस्तावेज भी जारी किए। बाद में, रकम के शीघ्र भुगतान के लिए भुगतान विभिन्न बहाने बनाकर पीडÞित से अतिरिक्त धनराशि ली गई। पुलिस की विज्ञप्ति में बताया गया है कि कृष्णागिरि सीबी-सीआईडी इकाई में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, प्रतिरूपण और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इसमें कहा गया है कि नौ और 10 फरवरी को 25 पुलिसकर्मियों वाली छह विशेष टीम ने विभिन्न राज्यों की पुलिस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान बिहार के सोनू कुमार दुबे, आशीष कुमार और गोपाल शेखर, तेलंगाना के जॉर्ज थॉमस, झारखंड के गुलशन दराद और कर्नाटक के श्रीनिवासन के रूप में हुई है। सीबी-सीआईडी ने ऐसे अन्य पीड़ितों को, जो इस तरह के जालसाजों के शिकार हो चुके हैं, विभाग में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। इरिडियम से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में जालसाज निवेशकों को दुर्लभ वस्तु इरिडियम-तांबा के व्यापार पर भारी मुनाफे का वादा करके लुभाते हैं।





