नई दिल्ली: टी20 विश्व कप में मौजूदा चैंपियन भारत का सफर जारी है, लेकिन गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले भारतीय खेमे में हलचल मची हुई है। मेजबान टीम के लिए चिंता का मुख्य कारण विपक्षी टीम की चुनौती नहीं, बल्कि उनके उभरते हुए सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का स्वास्थ्य है। अभिषेक शर्मा इस समय पेट के संक्रमण और वायरल बुखार की चपेट में हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि अभिषेक टीम की आक्रामक बल्लेबाजी रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा हैं।
हालांकि अभिषेक को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है, लेकिन प्रबंधन उन्हें नामीबिया के खिलाफ मैदान में उतारने का जोखिम शायद ही उठाएगा। इसका सबसे बड़ा कारण 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला है। पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अभिषेक शर्मा की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें पूरी तरह ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम दिया जा सकता है। उनकी अनुपस्थिति में संजू सैमसन के पास एक बार फिर खुद को साबित करने का मौका होगा। सैमसन पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और अपनी जगह ईशान किशन को गंवा चुके हैं, जो इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। सहायक कोच रयान टेन डोएशे ने भी संकेत दिए हैं कि संजू टीम में अपनी भूमिका को लेकर स्पष्ट हैं और अभ्यास सत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
मैदान की बात करें तो, भारत और नामीबिया के बीच यह मुकाबला दिल्ली के फिरोज शाह कोटला स्टेडियम में खेला जाएगा। अमेरिका के खिलाफ पिछले मैच में वानखेड़े की चिपचिपी पिच पर भारतीय बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल पाए थे, लेकिन कोटला की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। भारतीय टीम अगर टॉस जीतती है, तो वह पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेगी ताकि पाकिस्तान के बड़े मैच से पहले उनके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को क्रीज पर पर्याप्त समय मिल सके और वे अपनी लय हासिल कर सकें। नामीबिया का गेंदबाजी आक्रमण भारतीय बल्लेबाजी क्रम के सामने काफी कमजोर नजर आता है, जिससे एक बड़े स्कोर की उम्मीद की जा सकती है।
दूसरी ओर, नामीबिया के लिए यह मुकाबला किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। नीदरलैंड के खिलाफ भी नामीबिया की टीम संघर्ष करती नजर आई थी और अब उनके सामने जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी गेंदबाजों की चुनौती होगी। विशेष रूप से वरुण चक्रवर्ती की ‘मिस्ट्री स्पिन’ नामीबिया के बल्लेबाजों के लिए पहेली बन सकती है, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतने गुणवत्ता वाले स्पिनरों को खेलने का अनुभव कम ही है। नामीबिया के बल्लेबाजी क्रम में केवल ऑलराउंडर जेजे स्मिट ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका स्ट्राइक रेट 140 से ऊपर है, जो भारतीय आक्रमण के सामने नाकाफी साबित हो सकता है।
टूर्नामेंट के ढांचे पर गौर करें तो आईसीसी ने इस तरह का कार्यक्रम तैयार किया है कि भारत जैसी बड़ी टीमों को लीग चरण में अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़े। नामीबिया के खिलाफ मैच को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले एक ‘अभ्यास मैच’ की तरह देखा जा रहा है। भारत का रिकॉर्ड नामीबिया के खिलाफ बेहद मजबूत रहा है; हाल ही में एक अभ्यास मैच में भारत-ए ने नामीबिया को 100 रनों के भीतर समेट दिया था। यदि पाकिस्तान के खिलाफ मैच में कोई उलटफेर होता भी है, तब भी भारत के सुपर-8 में पहुंचने की संभावनाएं प्रबल हैं। असली चुनौती सुपर-8 के चरण से शुरू होगी, जहां ग्रुपिंग इस तरह की गई है कि सेमीफाइनल तक भारत को ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों से नहीं टकराना पड़ेगा। फिलहाल, भारतीय प्रशंसकों की दुआएं अभिषेक शर्मा की जल्द रिकवरी पर टिकी हैं।





