लखनऊ। स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ शरीर में मां सरस्वती का वास होता है। इसी मंशा के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन नगरीय स्वच्छ पाठशाला अभियान 25 अगस्त से 2 नवंबर तक चलाया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत शिक्षण संस्थानों को स्वच्छता, सुरक्षा और गुणवत्ता में सुधार करने, छात्रों और अभिभावकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की जाएगी। वहीं इस अभियान के दौरान विद्यालयों में स्वच्छता के मानकों का पालन कराने और छात्रों को स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षा दी जाएगी। यह महत्वपूर्ण पहल शिक्षा क्षेत्र में स्वछता के प्रति सुधार प्रोत्साहित करने के लिए की गई है। वहीं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कराई गयी प्रतिस्पर्धा गतिविधियों में उच्च प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।
राज्य मिशन निदेशक डॉ नितिन बंसल ने सभी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को पत्र जारी कर स्वच्छ शिक्षा अन्तर्गत समस्त स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों एवं उनके अभिभावकों को जागरूक करने एवं स्वच्छता के संदेश का विस्तार जन समाज में करने के लिए स्वच्छ पाठशाला के तहत विभिन्न कार्यक्रम कराये जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सिटीजन फीडबैक को एप लिंक एवं क्यूआर कोड के माध्यम से भी इस अभियान में सिटीजन फीडबैक को बढ़ावा दिया जाएगा। रक्षा बंधन के त्यौहार पर संकल्प बंधन स्वच्छता का के तहत नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरुक कर आस-पास गंदगी न फैलाये जाने का संकल्प लेकर प्लास्टिक एवं प्लास्टिक के उत्पाद का बहिष्कार किये जाने के लिए जागरुक किया जाएगा।
मिशन निदेशक ने स्वच्छ पाठशाला अभियान अंतर्गत स्वच्छता कनेक्ट से विभिन्न गतिविधियों से नागरिकों को जोड़े जाने, उनसे विचार-विमर्श किये जाने व सोशल मीडिया के माध्यम से रील बनाकर निकायों के सोशल मीडिया पेज व प्रोफाइल पर पोस्ट करते हुए निदेशालय के सभी आधिकारिक एकाउंट को टैग कर गतिविधियों को शेयर करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान पोस्टर व बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं जन-सहभागिता को बढावा देने के लिए सभी को निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान रंगोली, वाद-विवाद, कला प्रतियोगिता होगी। बंधन स्वछता का, के तहत रिसाइकिल मैटेरियल से राखी तैयार कर सोसाइटी हीरोस, (पुलिसकर्मी, स्वास्थकर्मी एवं सफाईकर्मी व अन्य) को राखी बांधकर सम्मानित किया जाए, जिसे सोशल मीडिया पोर्टल पर भी अपलोड करना होगा। कपड़े के थैले के उपयोग पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए जनता को प्रोत्साहित करना होगा। घर, स्कूलों और समाज में प्लास्टिक के नुकसान के बारे में जागरूक करना। परिसर में ट्विन बिन्स रखना। छात्रों को कचरे का पृथक्कीकरण के विषय में जागरूक करना। जागरुकता रैली बच्चों की सहभागिता के साथ कराया जाये।





