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सुरभि सिंह ने कथक में ढाली अमृता प्रीतम की ‘आजाद रूह’

संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह गोमतीनगर में हुआ मंचन
लखनऊ। कल्चरल क्वैस्ट संस्था द्वारा कथक गुरु सुरभि सिंह ने अमृता प्रीतम के जीवन को आजाद रूह में समाहित करके नृत्य नाटिका के माध्यम से संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह गोमतीनगर में आज शाम मंचित किया गया। लेखन, संगीत, वाइस ओवर, निर्देशन संग अमृता प्रीतम के किरदार को कथक गुरु सुरभि सिंह ने अपने शिष्यों के साथ मंच पर दर्शनीय रूप में ढाला। पंजाब की सुप्रसिद्ध लेखिका, कवयित्री अमृता प्रीतम के जीवन संघर्ष और प्रेम को दिखाती हुई नृत्य नाटिका जो अपने आप में एक दर्शनीय प्रस्तुति रही। बाल्यकाल से ही अमृता प्रीतम का संघर्ष, भारत पाकिस्तान के बंटवारे का दर्द उनकी रचनाओं में दिखाई देता है। स्त्री की संवेदना और वेदना को दशार्ती प्रसिद्ध कविताओं के सार को तबले की थाप, घुंघरुओं की झंकार को कथक की लय में पिरो कर मंच पर प्रस्तुत किया उठने वारिस शाह, मजबूर कविता तवारीक जैसी लम्बी नज्मोंं के संगीतमय प्रस्तुतीकरण को दर्शकों की भरपूर तालियां मिली। नृत्यांगना सुरभि सिंह ने साहिर के त्याग के साथ प्रेम के विशिष्ट रूप दिखाने के साथ, इमरोज के प्रेम की पराकाष्ठा के पहलू को कथक की लय में खूबसूरती से बांधा। अमृता प्रीतम के जीवन पर आधारित संजय मेहरोत्रा हमनवा की पुस्तक रांझा मेरा का लोकार्पण अतिथियों पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह, पद्मश्री कृष्ण कन्हाई, डा.पूर्णिमा पाण्डे आदि ने किया।
पं.धर्मनाथ मिश्र के गायन से सजी नाटिका में पं.रविनाथ मिश्र की तबले की थाप, और दीपेन्द्र कुँवर की बॉसुरी की धुनों पर अमृता प्रीतम के किरदार मे सुरभि सिंह संग अपने शिष्य-शिष्याओं ईशा रतन, मीशा रतन, अंकिता मिश्रा, अंकिता सिंह, आकांक्षा पाण्डेय, अंजुल, पियूष, अनुभव, सृष्टि, महेश चन्द्र देवा, विकास दुबे, अखिलेश, आरती, सुन्दर, इशिका, मानसी, संगीता, सीमा सहित 25 कलाकारों ने मंच पर नृत्यनाटिका को दर्शनीय बना दिया। शकील द्वारा बने सेट को गोविन्द ने प्रकाश से सजाया। तत्कालीन परिस्थितियों के रहन सहन को दिखाने में मनोज, शहीर ने मुख सज्जा से संवारा, सहारा बानो, उज्ज्वल की व्यवस्था में अर्जित अग्रवाल, दिवाकर ने मंच परे संगीत दिया।
कार्यक्रम प्रस्तुतीकरण के साथ साहित्य की 11 विभूतियों पद्मश्री डा.विद्या विन्दु सिंह, प्रो.रवि भट्ट, डा. अमिता दुबे, हिमांशु वाजपेई, आतिफ हनीफ, संजय मल्होत्रा हमनवा, सुश्री पायल सोनी, सत्या सिंह, डा.करुणा पांडे. साहित्यकार, डा.श्वेता श्रीवास्तव, और सुजाता राज्ञी को अमृता प्रीतम सम्मान से सम्मानित किया गया । इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष जेबी सिंह, उपाध्यक्ष केशव नाथ त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष रामउग्रह शुक्ल सहित सभी पदाधिकारी सदस्य एवं तमाम कला प्रेमियों ने आजाद रूह के कथक में पिरोयी शायरियों के साथ भरपूर सराहा। आगे इस प्रकार के शायराना प्रयोग के साथ नयी प्रस्तुतियों को देखने की इचछा जतायी।

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