लखनऊ। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक खास पर्व है। इस दिन को ईसाई समुदाय के लोग काले दिवस के रूप में मनाते हैं। गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता है। गुड फ्राइडे के दिन राजधानी लखनऊ के सभी गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थना आयोजित की जायेगी।
मान्यता है कि इस दिन प्रभु यीशु मसीह को कई यातनाएं देने के बाद सूली पर चढ़ाया गया था। इसी वजह से ईसाई धर्म के लोग गुड फ्राइडे के दिन को प्रभु यीशु के बलिदान दिवस के रूप याद करते हैं। ये दिन ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद ही खास होता है। इस दिन लोग गिरिजाघरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। साथ ही प्रभु यीशु की याद में लोग उपवास करते हैं और मीठी रोटी बनाकर खाते हैं। हर साल अक्सर अप्रैल के महीने में गुड फ्राइडे पड़ता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल का गुड फ्राइडे कब है और ये दिन क्यों मनाया जाता है। गुड फ्राइडे हर साल ईस्टर संडे से पहले पड़ने वाले शुक्रवार को आता है। ऐसे में गुड फ्राइडे 3 अप्रैल को मनाया जाएगा।
क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे:
प्रभु ईसा मसीह प्रेम और शांति के मसीहा थे। दुनिया को प्रेम और करुणा का संदेश देने वाले प्रभु यीशु को उस समय के धार्मिक कट्टरपंथी ने रोम के शासक से शिकायत करके उन्हें सूली पर लटका दिया था। यही वजह है कि ईसाई धर्म को मानने वाले लोग गुड फ्राइडे को काले दिवस के रूप में मनाते हैं। लेकिन कहा जाता है कि प्रभु यीशु इस घटना के तीन दिन बाद यानी ईस्टर संडे के दिन पुन: जीवित हो उठे थे।
कैसे मनाया जाता है गुड फ्राइडे:
ईसाई धर्म के लोग गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु के बलिदान को याद करते हैं। इस दिन लोग काले रंग के वस्त्र पहनकर प्रभु यीशु के बलिदान दिवस पर शोक मनाते हैं। साथ ही गिरजाघरों में जाकर विशेष प्रार्थना करते हैं। इस दिन गिरजाघरों में घंटा नहीं बजाया जाता है, बल्कि लकड़ी के खटखटे बजाए जाते हैं। साथ ही लोग चर्च में क्रॉस को चूमकर प्रभु यीशु का स्मरण करते हैं। इस दिन लोग प्रभु यीशु के उपदेशों का स्मरण करते हैं और उन्हें अपने जीवन में ढालने की कोशिश करते हैं। लोग प्रभु यीशु के बताए प्रेम, सत्य और विश्वास के मार्ग पर चलने की शपथ लेते हैं। मान्यता है कि गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को याद करते हुए दान.धर्म के कार्य किए जाते हैं। व्रत के बाद मीठी रोटी बनाकर खाई जाती है और लोगों में वितरित किया जाता है।
दयालुता और मानवता का संदेश देता है गुड फ्राइडे:
गुड फ्राइडे को चर्च में घंटियां नहीं बजाई जाती हैं। इसके बजाय, लकड़ी से बने बॉक्स को बजाया जाता है। यह प्रभु यीशु मसीह के दुख और मृत्यु का प्रतीक है। बाइबल के अनुसार, जब यीशु मसीह को क्रॉस पर चढ़ाया जा रहा था, तो उन्होंने कहा था, “हे प्रभु इन्हें माफ करना क्योंकि यह नहीं जानते कि यह क्या कर रहे हैं।” ईसाई धर्म में प्रभु ईसा मसीह की इस दयालुता को याद रखा जाता है।





