वाराणसी। मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए नीट की परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा दे रही बीएचयू मेडिकल की छात्रा और उसकी मां सहित चार लोगों को वाराणसी क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मूल रूप से पटना के संदलपुर वैष्णवी कालोनी निवासी जुली कुमारी बीएचयू के बीडीएस की दूसरे वर्ष की छात्रा है। उसके पिता पटना में सब्जी बेचते हैं। साल्वर गैंग ने जुली की मां को पैसे का लालच देकर राजी कर लिया। रविवार को हुए नीट परिक्षा के दौरान सारनाथ स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल में जुली कुमारी दूसरी छात्रा के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। कक्ष निरीक्षक ने संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने पूछताछ कर जुली और उसकी मां बबिता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ में दो दलालों के पता चला। बबिता के मोबाइल के कॉल डिटेल की मदद से शहर से पुलिस ने बिहार के खगड़िया निवासी विकास और गाजीपुर के मोहम्मदाबाद निवासी ओसामा शाहिद को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि छात्रा और उसका चेहरा मिलता- जुलता था जिसका फायदा उठाकर सॉल्वर गैंग ने आटोशॉप से एडमिट कार्ड का फोटो बदल दिया। साथ ही अभ्यर्थी के हस्ताक्षर का अभ्यास कराया गया था। पुलिस जांच में पता चला है कि गैंग का सरगना पटना के पी. के. नाम का शख्स है। गैंग में केजीएमयू का एक डॉक्टर भी शामिल है। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि मां-बेटी को जेल भेजकर अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।





