लखनऊ। माघ मास के कृष्ण पक्ष में षट्तिल एकादशी आती है। इस साल यह एकादशी 14 जनवरी को है। इस दिन मकर संक्रातिं का पर्व भी है। षट्तिला एकादशी सब पापोंका नाश करने वाली है। इस दिन कोई भूल हो जानेपर श्रीकृष्णका नामोचारण करना चाहिए। माघ मास की इस एकादशी को बहुत खास माना जाता है। इस दिन चन्दन, अरगजा, कपूर, नेवेद्य आदि सामग्री से चक्र और गदा धारण करने वाले श्रीहरिकी पूजा करनी चाहिए। इस व्रत में तिलों का बहुत अधिक महत्व है। इस तिल दान करने से आपके कई ग्रह दोषों का भी निवारण हो जाता है। इसके बाद अगले दिन कृष्ण कूर्म द्वादशी है।
14 जनवरी को ही मकर संक्राति भी
आपको बता दें कि इस बार मकर संक्रांति और एकादशी दोनों एक दिन है। 14 जनवरी 2026 मकर संक्रान्ति, षटतिला एकादशी, पोंगल, सूर्य के उत्तरायण होने पर ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर दान करने का बहुत अधिक महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि मकर संक्रांति पर ग्रह दोषों के अलावा अपने पितरों के लिए भी दान करना चाहिए। इससे उनकी कृपा आप पर बनी रहती है।
एकादशी की तिथि क्या है
पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरूआत 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से होगी। इस तिथि का समापन 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में द्वादशी युक्त एकादशी 14 जनवरी को पड़ रही है। इसलिए 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन इसका व्रत रखा जाएगा। षटतिला एकादशी के बाद माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी आएगी। इस साल जया एकादशी 29 जनवरी को है, इसका व्रत 29 जनवरी को किया जाएगा।





