मुंबई। वैश्विक बाजारों में बिकवाली का सिलसिला चलने से बुधवार को सेंसेक्स 555 अंक टूट गया। इससे निवेशकों की 2,57,785.17 करोड़ रुपये की पूंजी डूब गई। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तथा आपूर्ति श्रृंखला की अड़चनों की वजह से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे वैश्विक पुनरुद्धार प्रभावित हो सकता है।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 555.15 अंक या 0.93 प्रतिशत के नुकसान से 59,189.73 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 176.30 अंक या 0.99 प्रतिशत टूटकर 17,646 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में इंडसइंड बैंक का शेयर सबसे अधिक 3.38 प्रतिशत टूट गया। टाटा स्टील, बजाज आॅटो, सन फार्मा, एचसीएल टेक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाइटन के शेयरों में भी गिरावट आई। वहीं दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी तथा बजाज फाइनेंस के शेयर 1.24 प्रतिशत तक चढ़ गए।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, कमजोर वैश्विक रुख की वजह से धातु और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली का सिलसिला चला। इससे बाजार शुरुआती लाभ को गंवाकर नुकसान में बंद हुआ। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारतीय बाजार प्रभावित हो रहा है, जबकि मुद्रास्फीति से अमेरिका में बांड प्रतिफल पर असर पड़ा है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक भी बुधवार को शुरू हुई। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा। वैश्विक घटनाक्रमों से बाजार प्रभावित हो रहा है। ऊर्जा के दाम बढ़ रहे हैं, मांग सुस्त पड़ रही है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आ रही है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 1.22 प्रतिशत तक का नुकसान रहा। अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग के हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी तथा जापान के निक्की में गिरावट आई। चीन के शंघाई कम्पोजिट में अवकाश था। दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।





