नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन जगत के सबसे प्रसिद्ध और प्रेरणादायक जोड़ियों में से एक, ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पारुपल्ली कश्यप, ने शादी के सात साल बाद आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। यह खबर सामने आते ही खेल जगत सहित सोशल मीडिया पर भी स्तब्धता और भावुक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
साइना ने रविवार देर रात अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपने और कश्यप के अलग होने की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि
“जिंदगी कभी-कभी हमें अलग राहों पर ले जाती है। बहुत सोच-विचार और बातचीत के बाद, कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है। हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, आत्म-विकास और उपचार को प्राथमिकता दे रहे हैं। मैं बीते पलों के लिए आभारी हूं और आगे के सफर के लिए कश्यप को शुभकामनाएं देती हूं। कृपया इस समय हमारी निजता का सम्मान करें और समझने के लिए धन्यवाद।”
2018 में हुई थी शादी, रिश्ता दशकों पुराना
साइना और कश्यप का रिश्ता सिर्फ शादी तक सीमित नहीं था, बल्कि दोनों ने पुलेला गोपीचंद अकादमी, हैदराबाद में वर्षों तक साथ में प्रशिक्षण लिया था। दोनों की दोस्ती वहीं से शुरू हुई थी और समय के साथ यह रिश्ता प्रेम और फिर विवाह में बदल गया। दिसंबर 2018 में दोनों ने विवाह किया था, जो भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक यादगार पल था।
पारुपल्ली कश्यप ने जहां 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया, वहीं साइना नेहवाल ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत को गर्वित किया था। दोनों का करियर एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा रहा। हाल के वर्षों में जब कश्यप ने प्रतिस्पर्धात्मक बैडमिंटन से संन्यास लिया, तब वे साइना की कोचिंग में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
साइना के पोस्ट के बाद से सोशल मीडिया पर फैंस और खेल जगत की हस्तियों ने भावुक प्रतिक्रियाएं दी हैं। अधिकांश ने दोनों के साहस और परिपक्वता की सराहना की और इस कठिन समय में समर्थन व शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने दोनों की निजता का सम्मान करने की अपील भी की है।
कश्यप की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
जहां साइना ने बेहद ईमानदारी और विनम्रता के साथ इस फैसले की जानकारी दी, वहीं पारुपल्ली कश्यप की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सोशल मीडिया पोस्ट सामने नहीं आया है। हालांकि, उनके नजदीकी सूत्रों के अनुसार यह फैसला आपसी सहमति से और शांतिपूर्वक लिया गया है।





