लखनऊ। माह-ए-रमजान के 30 रोजे के एवज में अल्लाह तआला ने मुसलमानों को ईद का तोहफा अता किया। अल्लाह का शुक्र अदा करने के लिए ईद-उल-फित्र की नमाज शनिवार को मुहब्बत, अकीदत व रवायत के अनुसार अदा की गई। शहर की सभी ईदगाहों और तमाम मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा। तय समय से पहले ईदगाह, मस्जिदें भर गईं। लोगों ने अन्य खाली जगहों पर जानमाज, चादर वगैरा बिछाई। कमेटियों द्वारा भी नमाज पढ़ने के लिए खास इंतजाम किया गया था। बच्चों से लेकर बड़ों के चेहरों पर खुशियों की चमक देखने लायक थीं। ईद की नमाज के समय तक ईदगाह, मस्जिदों में नमाजियों की कतारें लग गईं। लोगों ने ईदगाह और मस्जिद के इमामों की तकरीर ध्यान लगा कर सुनी।
लखनऊ ऐतिहासिक ईदगाह में इस्लामिक सेंटर आॅफ इंडिया के मौलाना खालिद रशीद फरुर्खी ने विशेष दुआ की, जिसमें पूरी दुनिया में अमन, शांति और जंग के खात्मे की कामना की गई। नमाज के बाद मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि रमजान के रोजों और रातों की इबादत, तरावीह और सहरी-इफ्तार के बाद यह ईद खुशखबरी लेकर आई है। अल्लाह ने नेक बंदों को ईद-उल-फित्र जैसा बड़ा इनाम दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे साल अल्लाह की नाफरमानी से बचने की कोशिश करनी चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे रमजान में खुद को गुनाहों से बचाया जाता है। इस मौके पर कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद और मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, विधायक अरमान खान, रविदास मेहरोत्रा, विभिन्न धर्मों के नेता जैसे फादर जेराल्ड मेफ्यूज, फादर डोनाल्ड डिसूजा, राकेश कुमार, हरपाल सिंह और अन्य शामिल थे। सभी ने ईद की बधाई दी और राष्ट्रीय एकता की मजबूती पर जोर दिया। इसके साथ ही टीले वाली मस्जिद, नदवा मस्जिद, फातमी मस्जिद, करामात मस्जिद, मस्जिद उमर, मस्जिद आयशा, मस्जिद अबू बक्र, जामा मस्जिद मुंशी पुलिया, समेत अन्य मस्जिदों में ईद की नमाज सुबह 6.30 बजे से लेकर 11 बजे तक अदा की गई।
काली पट्टी बांध अदा की नमाज
आसिफी मस्जिद (बड़े इमामबाड़े) में ईद की नमाज नमाजियों ने काली पट्टी बांध के अदा की। यहां मौलाना सरताज हैदर ने नमाज पढ़ाई। मौलाना कल्बे जवाद ने आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई की शहादत को याद किया। नमाज के बाद अभी ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। वहीं नमाज के बाद इजराइल और अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।
मेले जैसा रहा माहौल
ईद के मौके पर नौजवानों ने मुस्लिम बाहुल्य मोहल्लों को रंग बिरंगी झंडियों से सजाया था। इसके अलावा तमाम तरह की गुब्बारों, खिलौनों की दुकानों पर बच्चों का हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, इंस्ट्राग्राम पर ईद का ऐलान होने के बाद मुबारकबाद देने का सिलसिला ईद-उल-फित्र के पूरे दिन चलता रहा। खूब सेल्फी ली गयी। पुराने लखनऊ में ईद की वजह से काफी चहल पहल व रौनक रही।
महिलाओं ने घरों में की इबादत
ईद की खुशियों में महिलाएं भी आगे रही। रमजान में जिस तरह अपने कर्तव्यों का पालन किया। घर व बाहर दोनों को संभाला। उसी तरह ईद की खुशियों में चार चांद लगाने में वह दिलो-जान से लगी रहीं। मेहमान नवाजी के लिए सेवईयां व लजीज व्यंजन बनाया। घरों में शुक्राने की नमाज अदा की। शाम को सज-धज कर रिश्तेदारों, पड़ोसियों के यहां ईद की मुबारकबाद देने भी गईं।
फातिहा पढ़ने वालों का लगा तांता
ऐशबाग ईदगाह, उजरियां कब्रिस्तान, फातमी कब्रिस्तान, पेपर मिल कब्रिस्तान समेत अन्य कब्रिस्तानों पर फातिहा पढ़ने वालों का तंता लगा रहा। इसी तरह शहर के कब्रिस्तानों पर फातिहा पढ़ने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी ने पूर्वजों को याद कर फातिहा पढ़ मगफिरत की दुआएं मांगी।सदका-ए-फित्र व जकात किया अदाईद-उल-फित्र की नमाज से पहले लोगों ने सदका-ए-फित्र अदा किया। लोगों ने ईदगाहों व मस्जिदों के बाहर गरीबों में फित्रा व जकात की रकम अदा की।





