पहले दिन 40 मामलों की हुई वर्चुअल सुनवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने सोमवार से वर्चुअल सुनवाई शुरू कर दी है। पहले दिन लगभग 40 मामलों की वीडियो कांफ्रेसिंंग से सुनवाई हुई। खरीददारों, बिल्डरों तथा वकीलों ने अपने घर में रहकर रेरा की अदालत में बहस की। उन्होंने अपने-अपने पक्ष रखें। अदालत ने कुछ मामलों में फैसला सुनाया, जबकि कुछ मामलों को सुनवाई के लिए अगली तारीख तक के लिए स्थगित किया। सुबह 11 से 12 बजे तक सुनवाई हुई।
लॉकडाउन होने से रेरा में सुनवाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते यूपी रेरा ने ई कोर्ट के बाद अब वर्चुअल सुनवाई भी शुरू कर दी है। जिन लोगों के केस सुनवाई के लिए लगे थे रेरा ने उन्हें पहले ही सूचना दे दी थी। सुनवाई में कैसे भाग लेना है। इसके बारे में भी उन्हें बता दिया गया था। इससे सुनवाई में शामिल होने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। दोनों पक्षों ने अपने घरों से ही वीडियो कांफ्रेसिंग से अपनी बात रखी। लोगों ने पहले ही रेरा की वेबसाइट पर डोमेन में संबंधित दस्तावेज अपलोड कर रखे थे, जिससे अदालत को भी जरुरी दास्तवेज आसानी से उपलब्ध हो जा रहे थे।
अदालत के कामकाज, वर्चुअल सुनवाई से बिल्डर तथा खरीदार दोनों खुश हुए। लोगों ने गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, आगरा, मेरठ सहित कई शहरों में अपने घरों से बैठकर सुनवाई में भाग लिया। कुछ लोगों के डॉक्यूमेंट डोमेन पर अपलोड नहीं थे। अदालत ने उन्हें दस्तावेज अपलोड करने का समय दिया है। सोमवार को चार अदालतों में वर्चुअल सुनवाई हुई। एक अदालत में खुद रेरा चेयरमैन राजीव कुमार ने आधा दर्जन से ज्यादा मामलों की सुनवाई की। उनके अलावा कल्पना मिश्रा, बलविंदर कुमार तथा भानु प्रताप सिंह ने भी केसों की सुनवाई की।
डिजिटल तरीके की ओर बढ़ रहा प्राधिकरण
प्राधिकरण से वर्चुअल हियरिंग टीम प्रक्रिया की सुविधा के लिए और जरूरत पड़ने पर पार्टियों को तकनीकी मदद की पेशकश करने के लिए पार्टियों को पहले से फोन कर जानकारी दे दी थी। प्राधिकरण ने 2 मार्च 2020 से ई-कोर्ट प्रणाली लागू की है, इस प्रकार शिकायतों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से प्रबंधित करने के डिजिटल तरीके की ओर बढ़ रहा है। आभासी सुनवाई के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए हैं।
प्राधिकरण ने सुनवाई के आभासी माध्यम के माध्यम से अधिनस्थ अधिकारी और सुलह फोरम के समक्ष मामलों की सूची शुरू करने का फैसला किया है। तिथियां जल्द ही तय की जाएंगी, और पार्टियों को ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। बताया गया कि इस तरह प्राधिकरण कोविड 19 महामारी के कारण होने वाली अव्यवस्था के बावजूद सुनवाई और निपटान की सामान्य कार्यप्रणाली सुनिश्चित कर रहा है।





