back to top

दुर्लभ ‘रविपुष्य योग’ में आज मनेगी रामनवमी

लखनऊ। हमारे सनातन धर्म में कुछ पर्व व त्योहार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं जैसे महाशिवरात्रि, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, श्रीराम नवमी, दुर्गाष्टमी आदि। यदि इन महत्वपूर्ण पर्वों पर कोई अतिरिक्त शुभयोग बने तो यह अत्यंत दुर्लभ संयोग होकर अति-महत्वपूर्ण एवं शुभ हो जाता है। ऐसा ही एक दुर्लभ संयोग 13 वर्षों पश्चात् इस वर्ष श्रीराम नवमी पर बनने जा रहा है। इस वर्ष श्रीराम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी, दिनांक 06 अप्रैल 2025 को हैश्रीराम नवमी के शुभ दिन ही प्रभु श्रीराम का प्राकट्य इस धराधाम पर हुआ था। प्रभु श्रीराम का जन्म नक्षत्रों के राजा कहे जाने वाले पुष्य नक्षत्र में हुआ था।
ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना गया है। पुष्य नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक पराक्रमी, विद्वान एवं अतीव धर्मावलम्बी होता है। जब यही पुष्य नक्षत्र गुरुवार और रविवार के दिन होता है तब यह परम-पवित्र शुभ संयोग क्रमश: गुरु-पुष्य और रवि-पुष्य का सृजन करता है। ज्योतिष शास्त्र और तंत्र शास्त्र में यह ‘गुरुपुष्य व रविपुष्य’ दोनों दुर्लभ संयोग बड़े ही महत्वपूर्ण माने गए है। इस वर्ष 13 वर्षों पश्चात् रामनवमी पर प्रभु श्रीराम के प्राकट्य समय अपरान्ह 12:00 बजे ‘रविपुष्य’ नक्षत्र का शुभ संयोग रहेगा। रविपुष्य नक्षत्र का शुभ व परमपवित्र संयोग रामनवमी की शुभता में अनंत गुना वृद्धि करेगा। रामनवमी के दिन रविपुष्य प्रात: 05 बजकर 33 मिनट से प्रारंभ अहोरात्र रहेगा। यह बड़ा ही दुर्लभ संयोग है। इससे पूर्व यह शुभ संयोग वर्ष 2012 में बना था। वर्ष 2019 में भी रामनवमी के दिन रविपुष्य योग था, किंतु यह प्रात: 07 बजकर 40 मिनट तक ही था अर्थात् प्रभु श्रीराम के जन्म के समय रविपुष्य नक्षत्र नहीं था। इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्ष 2012 के पश्चात् यह दुर्लभ संयोग 13 वर्षों के बाद बन रहा है।

राम नवमी का महत्व:
धार्मिक मान्यता है कि धरती पर अधर्म और पाप बढ़ने के बाद भगवान विष्णु ने अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र के रूप में अवतार लिया था। उन्होंने श्रीराम का वेष धारण किया था। उन्होंने धर्म और मयार्दा की स्थापना की थी और उच्चतम आदर्शों का पालन किया था। इस कारण वह मयार्दा पुरुषोत्तम राम कहलाए। राम ने लंका के राक्षस रावण का संहार किया था। धर्म, सत्य और करुणा का राज फिर से स्थापित किया था।

राम नवमी पर मनोकामना पूरी करने के उपाय:
राम नवमी पर सुबह स्नान-ध्यान के बाद बालकांड का पाठ करें। इससे मनोकामना पूरी होगी। राम नवमी पर तुलसी के 108 पत्तों पर श्रीराम लिखें और इसकी माला बनाकर भगवान राम को चढ़ाएं। राम नवमी के दिन राम मंदिर में सवा किलो चने की दाल और गुड़ का दान करें।

रामनवमी पर शहर में होेंगे विविध आयोजन
भगवान श्रीराम का जन्म का पर्व रामनवमी रविवार को श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। भगवान राम के जन्म को लेकर मन्दिरों में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। टिकैतराय तालाब स्थित राम जानकी मंदिर में दोपहर 12 भगवान श्रीराम का जन्तोत्सव मनाया जाएगा। भगवान राम जानकी का विशेष पूजन होगा। भक्तों के लिए भण्डारा लगेगा। इंदिरा नगर स्थित श्रीईश्वर धाम में श्रीराम नवमी पर पूजा अर्चना होगी व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। डालीगंज के मौसमगंज रामलीला एवं मानस मंदिर परिसर में पूजन और भंडारा होगा। वहीं चौपटिया स्थित संदोहन देवी के श्रीराम दरबार में भी श्रीराम नवमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगी। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में रामनवमी की तैयारी तेजी से चल रही है।

RELATED ARTICLES

शुभ योग में राम नवमी आज, घरों व मंदिरों में होगी प्रभु श्रीराम की पूजा

लखनऊ। राम नवमी सनातन धर्म का प्रमुख त्योहार है, जो भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस साल चैत्र...

लखनऊ का रंगमंच सामूहिक प्रयासों से ही समृद्ध हुआ : सूर्यमोहन

विश्व रंगमंच दिवस आज लखनऊ। 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। मगर समय के साथ रंगमंच को पेश करने का तरीका भी...

धोखे और नैतिकता पर आधारित है नाटक गोरखधंधा

अंतराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचनलखनऊ। सूर्या थिएटर कल्चरल आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग ने विवेक मिश्रा...

चैत्र नवरात्र : भक्तों ने की महागौरी की पूजा-अर्चना, मांगी सुख-समृद्धि

लखनऊ। गुरुवार अष्टमी पर माता रानी के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। माता के महागौरी स्वरूप की पूजा अर्चना...

शुभ योग में राम नवमी आज, घरों व मंदिरों में होगी प्रभु श्रीराम की पूजा

लखनऊ। राम नवमी सनातन धर्म का प्रमुख त्योहार है, जो भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस साल चैत्र...

लखनऊ का रंगमंच सामूहिक प्रयासों से ही समृद्ध हुआ : सूर्यमोहन

विश्व रंगमंच दिवस आज लखनऊ। 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। मगर समय के साथ रंगमंच को पेश करने का तरीका भी...

धोखे और नैतिकता पर आधारित है नाटक गोरखधंधा

अंतराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचनलखनऊ। सूर्या थिएटर कल्चरल आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग ने विवेक मिश्रा...

श्रीकृष्ण की भक्ति से सजा चैती महोत्सव का मंच

चैती महोत्सव का सातवां दिन लखनऊ । गुरुवार को ऐशबाग रामलीला मैदान में आयोजित चैती महोत्सव में तुलसी रंगमंच पर कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से...

16 विभूतियों को मिलेगा तिरंगा अवार्ड

30 मार्च को राय उमानाथ बलि प्रेक्षागृहलखनऊ। सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक संस्था एलायंस सोशल एण्ड कल्चरल सोसाइटी की अर्शफाबाद सआदतगंज लखनऊ में संपन्न हुई...