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हरियाणा, मध्य प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने कसी कमर
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अभी सिर्फ उत्तराखंड में लव जिहाद विरोधी कानून लागू
नई दिल्ली। पूरे देश में लंबे समय से विवादों का केंद्र बन रहे लव जिहाद पर अब भाजपा शासित राज्यों में कानूनी शिकंजा कसने वाला है। दरअसल, दूसरे धर्मों की युवतियों खासकर हिंदू युवतियों से मुस्लिम युवकों द्वारा जबरिया, प्रलोभन देकर या धोखाधड़ी से किए जाने वाले विवाहों के मामले सामने आते रहे हैं। यही नहीं, युवतियों के मना करने पर उनकी हत्याएं तक हुई हैं।
हरियाणा के बल्लभगढ़ में कथित लव जिहाद की आड़ में हुई युवती की हत्या इसका ताजा उदाहरण है। इसके बाद से ही कई राज्यों में लव जिहाद पर कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। हरियाणा, मध्य प्रदेश और कर्नाटक ने इस संबंध में कानून बनाने का ऐलान कर दिया है। वहीं, मध्य प्रदेश के बाद अब यूपी ने भी कदम बढ़ा दिए हैं, लेकिन अभी सिर्फ उत्तराखंड में लव जिहाद विरोधी कानून लागू है। मध्य प्रदेश यह कानून बनाने वाला दूसरा राज्य होगा।
मध्य प्रदेश सरकार ‘मध्य प्रदेश फ्रीडम आॅफ रिलीजन एक्ट-2020’ ला रही है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इस कानून के तहत लव जिहाद का ताजा मामला पकड़े जाने पर पांच साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, ऐसे विवाह जो पहले हो चुके हैं, उन्हें रद करने का अधिकार फैमिली कोर्ट को दिया जाएगा। फैमिली कोर्ट के फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दी जा सकेगी। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा।
एक्ट में प्रलोभन, बलपूर्वक, धोखाधड़ी, बहकावे के जरिए शादी करने का भी उल्लेख होगा। यदि लव जिहाद का मामला सामने आता है और यह साबित हो जाता है कि कोई मददगार या किसी ने उकसाया है तो वह भी उतना ही दोषी माना जाएगा, जितना मुख्य आरोपी। इसकी सजा भी पांच साल तक है। इसी तरह, हरियाणा में भी कानून बनाने पर विचार चल रहा है। राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने इसी माह ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।
बता दें कि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में हुए निकिता तोमर हत्याकांड के बाद लव जिहाद का मामला नए सिरे से गरमाया है। विज ने यह भी कहा था कि इस मामले की धर्म-परिवर्तन और लव जिहाद की दृष्टि से भी जांच करवाई जाएगी। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निकिता हत्याकांड पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा था कि यह बेहद गंभीर मामला है। इसे धर्मांतरण से जोड़कर देखा जा रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें ऐसे प्रावधान करने पर विचार कर रही हैं, ताकि ऐसा मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी कहा है कि राज्य सरकार ‘लव जिहाद’ के नाम पर धर्मांतरण पर लगाम के लिए कड़े कदम उठाएगी। पांच नवंबर को दिए बयान में उन्होंने कहा कि हाल ही में कर्नाटक में लव जिहाद के नाम पर धर्मांतरण की खबरें आई हैं। मैंने इस बारे में अधिकारियों से बात की है। दूसरे राज्य क्या कर रहे हैं या क्या नहीं कर रहे, यह अलग बात है, लेकिन कर्नाटक में इस पर लगाम लगाई जाएगी। जब जिहादी राज्य में महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ कर रहे हैं तो सरकार चुप नहीं बैठेगी।





