धर्ममय जीवन के मूल तत्वों को उजागर करती है
लखनऊ। मां श्री बड़ी काली जी की असीम कृपा से मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर के पावन प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के द्वितीय दिवस का आयोजन आज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
द्वितीय दिवस की कथा में बाल व्यास पंडित राघवाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित की कथा एवं मनु-सतरूपा की पावन कथा का भावपूर्ण एवं सरल भाषा में रसपान कराया। महाराज श्री ने बताया कि राजा परीक्षित की कथा मानव जीवन को वैराग्य, भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है, वहीं मनु-सतरूपा की कथा सृष्टि की उत्पत्ति, आदर्श दांपत्य एवं धर्ममय जीवन के मूल तत्वों को उजागर करती है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया और महाराज श्री के श्रीमुख से निकले अमृत वचनों को आत्मसात किया। मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गईं, जिससे सभी भक्तों ने शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से कथा का आनंद लिया।
मंदिर प्रबंधन ने समस्त श्रद्धालुओं से आगामी दिवसों की कथा में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की है। मीडिया प्रभारी अभय उपाध्याय ने बताया की आज विशेष रूप डॉ सुजीत पांडेय पूर्व सदस्य उत्तर प्रदेश बाल आयोग कि उपस्थिति रही । कथा के दौरान मंदिर व्यवस्था में मुख्य रूप से प्रबंधक देवराज सिंह मातृशक्ति सेविका आशा तिवारी माला गुप्ता शालनी लक्ष्मी एवं अन्य सेवादार उपस्थित रहे। पंडित शिवम पांडेय राहुल सारस्वत तुषार मेघांश विकास आदर्श महाराज एवं अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।





