लखनऊ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ ने आज पहली ऑनलाइन पीएचडी डिफेंस मौखिक परीक्षा आयोजित की। पीएचडी स्कॉलर रेखनाथ सिंह, कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग ने ऑनलाइन मोड के माध्यम से पीएचडी प्रेजेंटेशन का शीर्षक दिया था डिलेडेड प्रतिकृति एल्गोरिथम इन डिस्ट्रिब्यूटेड डाटाबेस सिस्टम।
इस पीएचडी डिफेंस वायवा के दौरान जेएनयू, नई दिल्ली से पीएचडी परीक्षक प्रो. डीके लोबियाल, एचबीटीयू, कानपुर के स्कॉलर प्रो. रघुराज सिंह और आईईटी लखनऊ के यूनिवर्सिटी नॉमिनी डॉ. पवन तिवारी ऑनलाइन मौजूद थे। ऑनलाइन इवेंट के दौरान डीन, पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज प्रो. एमके दत्ता और एसोसिएट डीन डॉ. सुभ्रजीत बनर्जी और डॉ. अरुणिमा वर्मा भी ऑनलाइन मौजूद थे।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय पीएचडी स्कॉलर्स के लाभ के लिए सभी संभव ऑनलाइन तरीकों से काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वर्तमान कोविड-19 महामारी के कारण उन्हें कोई नुकसान न हो। विश्वविद्यालय के प्रयासों में काम करने के लिए सभी पीएचडी विद्वानों के मध्य एक सर्कुलर प्रसारित किया गया है।
डीन पीजी प्रो. एमके दत्ता ने कहा कि कुछ और ऑनलाइन पीएचडी वायवा जल्द ही विद्वानों के लाभ के लिए निर्धारित हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि वायवा की तिथि महत्वपूर्ण है और इससे विद्वान के करियर पर फर्क पड़ता है इसलिए विश्वविद्यालय के पीएचडी कार्यक्रम के विभिन्न कार्यों में आॅनलाइन तरीकों को जारी रखने के प्रयास किये जायेंगे।





