लोहिया संस्थान में अब तक 350 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी हुईं
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की रैली पर बोलते हुए कहा कि मेरे कपड़े को देखकर लोग मानते होंगे कि मैं अंधविश्वास को मानता हूंगा। मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता। मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना है। मैंने कहा क्यों? क्या वहां सीएम नहीं जाते। मैंने कहा क्या नोएडा यूपी से बाहर है। बताया गया कि यह मान्यता है कि वहां जाएंगे तो सीएम कुर्सी से उतर जाएंगे।
हमने कहा कि कुर्सी से एक न एक दिन जाना ही है, तो कुर्सी के मोह में हम क्यों पड़ें? मैं वहां जरूर जाऊंगा और गया भी था। उस दौरान देखा कि वहां 4 लाख मामले बिल्डर और बायर्स के हैं। मैंने बायर्स और बिल्डर से बात की। साथ ही बिल्डर्स को मकान बनाने को कहा, चाहे जैसे बनाओ। आज सभी 4 लाख लोगों को मकान दिए जा चुके हैं। उस दौरान अंधविश्वास को मानने वाले लोग कौन थे, जो भारत की आस्था पर उंगली उठाते हैं? मुख्यमंत्री रहते हुए वहां नहीं गए, लेकिन अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहुंच गए हैं। इन लोगों ने यहां के विकास के लिए बाधाएं खड़ी कीं, वे आज विकास की बात करते हैं।
सीएम ने कहा कि लोहिया संस्थान ने काफी कम समय में अपनी इमेज बनाई है। कोरोना के समय एसजीपीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान ने वर्चुअल आईसीयू प्रारंभ किया। यह सभी संस्थान संकट के दौरान खड़े थे और इसलिए सरकार भी इनके साथ हमेशा खड़ी रहती है। आज लोहिया संस्थान ने मॉडर्न हेल्थ केयर का एक अच्छा टर्शियरी सेंटर विकसित किया है। प्रदेश का पहला गामा नाइफ संस्थान में लग गया है। रोबोटिक सर्जरी में अग्रणी स्थान और अब तक 350 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है। नर्सिंग आॅफिसर के पदों पर पुरुषों के मुकाबले बेटियों ने ज्यादा स्थान प्राप्त किया है। डबल इंजन की सरकार ने बैकबोन की ताकत को पहचाना है।
आज सरकार 31 नए नर्सिंग कॉलेज चला रही है। सरकार द्वारा हेल्थ के लिए सेंटर आॅफ एक्सीलेंस उपलब्ध करवा रहे हैं, जिसका काम एसजीपीजीआई में चल रहा है। इसी तरह केजीएमयू में भी तमाम कार्य प्रारंभ हुए हैं। सीएम ने कहा कि आज रविवार के दिन नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। हमारे लिए रविवार का दिन छुट्टी का नहीं होता है। संडे हो या मंडे, हमारे लिए सब एक जैसे दिन होते हैं। हमें सुबह से लेकर शाम तक काम करना ही करना है, क्योंकि नहीं करेंगे तो परिणाम नहीं आएंगे।
हम लोग छुट्टी की परवाह किए बगैर, बिना रुके- डिगे- थके प्रधानमंत्री की प्रेरणा और उनके मार्गदर्शन में कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को नई ऊंचाई तक लेकर के जाना है। हम सभी को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनाना है। इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा अमित घोष, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, केजीएमयू वाइस चांसलर डॉ. सोनिया नित्यानंद आदि उपस्थित थे।





