इस प्रारूप का उद्देश्य ऐसी फिल्मों का निर्माण करना है
लखनऊ। हिन्दी सिनेमा के प्रख्यात गीतकार, लेखक और स्टोरीटेलर नीलेश मिसरा ने अपनी नई फिल्म कूद के जरिए देश में कम्यूट फिल्मों के दौर की शुरूआत कर दी है। वह फिल्म के अभिनेता और निमार्ता हैं। इस संबंध में शुक्रवार को गोमती नगर में नीलेश मिसरा ने प्रेस वार्ता का आयोजन कर बताया कि कम्यूट फिल्म नामक एक नई विधा को शुरू किया है। इस प्रारूप का उद्देश्य ऐसी फिल्मों का निर्माण करना है जिसे व्यक्ति मेट्रो, टैक्सी या बस में सफर करते देख सके। इसके पीछे उन्होंने कारण बताया कि आम आदमी घर से कार्यस्थल तक औसतन 50 मिनट का सफर करता है, ऐसे में इस फिल्म को उसी अवधि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
नीलेश मिसरा का कहना है कि फिल्म में दो अजनबियों की कहानी को दिखाया गया है जो कि एक ही समय, एक ही पुल पर जान देने पहुंचते हैं। फिल्म के सभी दृश्यों को लखनऊ में ही फिल्माया गया है। फिल्म में दो किरदार हैं, जिसे नीलेश मिसरा और केतकी कुलकर्णी ने निभाया है। स्क्रीनप्ले, डायलॉग अनुलता राज नायर ने लिखे हैं। डीओपी अभिषेक वर्मा हैं।साफ-सुथरे कंटेंट को प्राथमिकताप्रेसवार्ता में नीलेश मिसरा ने कहा कि फिल्म में साफ-सुथरे और सार्थक कंटेंट को प्राथमिकता दी गई है। अनावश्यक हिंसा, अश्लीलता और गाली-गलौज से दूर रहकर एक ऐसी कहानी प्रस्तुत की गई है, जो हर वर्ग के दर्शकों के लिए उपयुक्त हो। फिल्म कूद को बदलती दर्शक आदतों के अनुरूप एक नए प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है जो आने वाले समय में कंटेंट प्रेजेंटेशन के नए आयाम खोल सकता है।





