लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में मुख्य भवन, उत्तर प्रदेश सचिवालय, लखनऊ में विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कौशल विकास की भूमिका और रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
बैठक में टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के सशक्तिकरण, आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल तथा उद्योग आधारित कौशल विकास पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर डेलॉइट के प्रतिनिधियों द्वारा भविष्य उन्मुख कौशल, नई तकनीकों एवं बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप प्रशिक्षण की आवश्यकता पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि कौशल विकास को नई दिशा देकर युवाओं को सशक्त बनाना तथा उद्योगों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना ही प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों को नवाचार, तकनीकी उन्नयन तथा उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और कौशल विकास के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति दी जा रही है।





