इस वर्ष का कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित है
लखनऊ। मायण महोत्सव का आयोजन 15 फरवरी को कमला कुटीर र्इंटौजा में किया जायेगा। मायण-महोत्सव एक वार्षिक उत्सव है जो हमारे जीवन में ‘माँ’ की भूमिका का सम्मान करने के लिए हर साल लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र के एक गाँव गदैला में आयोजित किया जाता रहा है। यह शहर और गाँव दोनों संस्कृतियों को एक मंच पर मिलाने का ठोस प्रयास है। महोत्सव अब अपने पांचवे सफल वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य बुजुर्गों के अनुभवों की सार्थकता को उभारना है। इस वर्ष का कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित है।
राजस्थान की बोली में ‘मायण’ का अर्थ ‘माँ’ है। माँ नि:स्वार्थ प्रेम, त्याग, प्रेरणा और क्षमा का प्रतीक होती है। वास्तव में, वह इस धरती पर ‘भगवान’ का निकटतम प्रतिबिंब है। विविध संवेदनाओं को एक साथ बांधने के लिए ‘उसकी’ तुलना में पूर्ण करुणा का इससे बेहतर स्वरूप क्या हो सकता है।
कार्यक्रम की शुरूआत ग्रामीण अंचल के कर्मयोगी वरिष्ठ नागरिकों जिन्होंने अपने क्षेत्र में निपुणता के साथ-2 सामाजिक उत्थान में भी योगदान दिया है, के अलंकरण से किया जायेगा। स्थानीय क्षेत्रीय कमेटी द्वारा कृषि, समाज सेवा, नारी सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण के क्षेत्रों से 07 ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ महानुभावों का चयन किया गया है जिसमें 03 महिलायें हैं। इसके बाद साधुवाद स्वरुप कार्यक्रम का आगाज गीतादत्त के नग्मों द्वारा किया जायेगा जिसे लखनऊ की प्रसिद्ध गायिका डा० प्रभा श्रीवास्तव प्रस्तुत करेंगी। नव-कलाकार मास्टर अमान आजम द्वारा सूफी गायकी भी प्रस्तुत की जायेगी। मीडिया जगत के श्री आफताब आलम कार्यक्रम का संचालन करेंगे।
शहर के कई गणमान्य लोगों ने इसमें शामिल होने की पेशकश की है। शहर के प्रसिद्ध इतिहासकार डा० रवि भट्ट मुख्य अतिथि होंगे। यह कार्यक्रम एक सामाजिक उद्देश्य के साथ अग्रसर है ताकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन को और अधिक सहज एवं गरिमापूर्ण बनाने में समाज को सशक्त किया जा सके।





