बिहार शरीफ। बिहार के नालंदा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मंगलवार की सुबह एक प्रसिद्ध मंदिर में मची भगदड़ ने आठ महिला श्रद्धालुओं की जान ले ली। यह दर्दनाक हादसा बिहार शरीफ से करीब पांच किलोमीटर दूर दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा गांव स्थित प्राचीन माता शीतला मंदिर में हुआ। चैत्र मास का आखिरी मंगलवार और महावीर जयंती का संयोग होने के कारण सुबह से ही मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा था, जो अंततः एक बड़ी त्रासदी में बदल गया।
चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार को माता शीतला के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके कारण पड़ोसी जिलों और पटना से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में क्षमता से कहीं अधिक भीड़ जमा हो गई थी। सुबह करीब 8:00 बजे के आसपास दर्शन के लिए लगी लंबी कतारों में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के बैरिकेड्स टूट गए। बैरिकेड्स गिरते ही अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए आगे भागने लगे। इस भगदड़ में दर्जनों महिलाएं जमीन पर गिर गईं और भीड़ के नीचे दब गईं।
प्रशासन पर फूटा लोगों का गुस्सा
घटनास्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। पटना से दर्शन करने आईं ममता देवी ने बताया, “यहाँ हर साल इस मौके पर भारी भीड़ होती है, लेकिन इस बार कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। पुलिस बल की तैनाती न के बराबर थी और जब भगदड़ मची, तो स्थिति को संभालने वाला कोई नहीं था। यह पूरी तरह से प्रशासनिक कुप्रबंधन का नतीजा है।” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मंदिर परिसर के बाहर महिलाएं बेहोश पड़ी दिख रही हैं और परिजन उन्हें सीपीआर (CPR) देकर बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
राहत कार्य और मुआवजा
हादसे की सूचना मिलते ही नालंदा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए बिहार शरीफ के सदर अस्पताल और पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहाँ कई की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये (4 लाख आपदा प्रबंधन विभाग और 2 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से) के मुआवजे का ऐलान किया है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
वीआईपी दौरे के बीच सुरक्षा पर सवाल
यह घटना उस समय हुई जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए राजगीर पहुंचने वाली थीं। पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े दावों के बीच इस तरह की चूक ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मंदिर परिसर को खाली करा लिया गया है और सुरक्षा के लिहाज से आसपास की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या किसी अफवाह की वजह से भगदड़ शुरू हुई या यह केवल भीड़ के अनियंत्रित होने का परिणाम था।





