विशेष संवाददाता लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में सोमवार समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे साहब सिंह सैनी ने भाजपा का दामन थाम लिया। उनके अलावा कुछ और पूर्व विधायकों ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। 2022 विधानसभा चुनाव में खतौली सीट से रालोद के प्रत्याशी रहे राजपाल सैनी, सपा की पूर्व विधायक सुषमा पटेल, पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर तथा वर्ष 2019 में वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली शालिनी यादव सहित करीब एक दर्जन लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विपक्षी दलों के नेताओं को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक की मौजूदगी में इन नेताओं ने भाजपा का दामन थामा। चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश में सभी 80 सीटें जीतने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। हम सब मिलकर लक्ष्य पूरा करेंगे।
भाजपा में सोमवार शामिल होने वाले ज्यादातर नेता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज से आते हैं। पूर्वांचल के प्रमुख ओबीसी नेता माने जाने वाले ओमप्रकाश राजभर और सपा विधायक पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान के सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद अनेक अन्य वरिष्ठ नेताओं के सत्तारूढ़ दल में शामिल होना सपा के लिये बड़ा झटका माना जा रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर एक ट्वीट कर तंज किया।
उन्होंने कहा, कि कुछ लोग चले गये 2000 के नोट की तरह। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद जारी हुए दो हजार रुपये के नोट को सरकार ने करीब साढ़े छह साल के बाद वापस लेने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है जब विपक्षी दल सत्तारूढ़ भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव में हराने के लिये एकजुट हो रहे हैं और सपा उत्तर प्रदेश में अपनी बड़ी भूमिका का दावा कर रही है। सपा इस राज्य में मुख्य विपक्षी दल है और उसका रालोद के साथ गठबंधन है। सपा आगामी लोकसभा चुनाव के लिये बूथस्तर पर तैयारियों में जुटी है।





