स्वर्ण जयंती समारोह में आदि शक्ति राम शक्ति का मंचन
लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में शनिवार को सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की रचना राम की शक्तिपूजा पर आधारित नाट्य आदिशक्ति रामशक्ति का मंचन किया गया। इस नाटक में राम द्वारा रावण वध के लिए देवी की पूजा और हनुमान के आकाश में उड़ने जैसे दृश्यों को जीवंत किया गया है।
कथा में देवी भगवान श्रीराम को विजय का वरदान देती हैं। राम की सेना रावण के सामने कमजोर पड़ जाती है। जिससे राम गहन चिंता करते हैं। उन्हें लगता है कि रावण की शक्ति के पीछे सृष्टि की आदिशक्ति है। हनुमान देवी से युद्ध करने के लिए आकाश में उड़ जाते हैं, लेकिन देवी उन्हें समझाती हैं कि उन्हें राम के पास लौटना चाहिए। इसके बाद राम को विभीषण और जामवन्त उनके पराक्रम की याद दिलाते हैं।
जामवन्त सलाह देते हैं कि राम देवीदह जाकर विशेष कमल पुष्पों से शक्ति जागरण करें। हनुमान उन कमलों को लाते हैं, लेकिन जब राम अंत में एक कमल की कमी महसूस करते हैं, तब देवी प्रकट होती हैं और उन्हें विजय का वरदान देती हैं।





