विश्व में जारी संघर्षों के बीच शांति का एकमात्र मार्ग महावीर स्वामी का दर्शन: अवनीश अवस्थी
लखनऊ। अहिंसा, सत्य एवं करुणा के महान प्रवर्तक भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर श्री 1008 भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव” का भव्य आयोजन बुधवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में हुआ। यह गरिमामयी कार्यक्रम महावीर स्वामी साप्ताहिक मिलन एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने अपने संबोधन में कहा, भगवान महावीर के सिद्धांत—अहिंसा, अपरिग्रह एवं सत्य—आज के आधुनिक युग में अत्यंत प्रासंगिक हैं। ये सिद्धांत समाज में समरसता और शांति स्थापित करने में रीढ़ की हड्डी का काम करते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन महान आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करने का पुरजोर आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन दर्शन पूरी मानवता के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। मुख्य सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश अवस्थी ने कहा कि आज विश्व में जो युद्ध और अशांति का माहौल है, उसमें शांति सिर्फ और सिर्फ भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों पर चलकर ही स्थापित की जा सकती है। पर्यावरण समूह (भारत सरकार) सदस्य अनीता भटनागर जैन ने अपने उद्बोधन में जैन धर्म के ‘पांच अणुव्रत’ का बेहद सरल और विस्तृत वर्णन किया।
अजीत शासने, निदेशक (एनबीआरआई) उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जैन धर्म के गहरे अंतसंर्बंधों पर वैज्ञानिक व आध्यात्मिक प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्रीमती नेहा जैन, विशेष सचिव, उ.प्र. शासन और पीयूष सिंह चौहान, निदेशक (एस.आर. इंस्टीट्यूट) ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से कौशल (प्रांत प्रचारक, अवध प्रांत) और जैन समाज से अभिषेक जैन, संजीव जैन, पी. के. जैन उपस्थित रहे। साथ ही ‘मिलन’ संस्था से अभिनव, आयुष, अतिशय, भरत, दिव्य, सत्यम संचित मौजूद रहे।





